देहरादून। उत्तराखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल माफियाओं के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई के बीच एसटीएफ को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसएससी परीक्षा में हाईटेक तरीके से नकल कराने वाले गिरोह के मुख्य सरगना शुभम भटनागर को एसटीएफ ने सहारनपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और इससे पहले इसी मामले में गिरोह के दो अन्य सदस्य भी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। एसटीएफ के अनुसार, मामला 13 फरवरी 2026 को देहरादून स्थित महादेवी कन्या पाठशाला में आयोजित एसएससी मल्टीटास्किंग स्टाफ और हवलदार ऑनलाइन परीक्षा से जुड़ा है, जहां रिमोट एक्सेस तकनीक के जरिए अभ्यर्थियों को अवैध तरीके से नकल कराई जा रही थी। इस संबंध में 14 फरवरी को कोतवाली नगर में सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम 2024 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसकी जांच एसटीएफ द्वारा की जा रही है।
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी शुभम भटनागर परीक्षा केंद्र में ‘महादेव डिजिटल लैब’ के नाम से लैब संचालित करता था और वहीं से पूरे नेटवर्क को ऑपरेट करता था। गिरोह ने परीक्षा केंद्र के पास यूपीएस रूम में अंडरग्राउंड चेंबर बनाकर रिमोट एक्सेस सिस्टम तैयार किया था, जिसके जरिए अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाया जाता था। इस हाईटेक सेटअप के माध्यम से परीक्षार्थियों को पास कराने के बदले उनसे मोटी रकम वसूली जाती थी, जो चयनित पद के ग्रेड पे के अनुसार तय की जाती थी। एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि इस संगठित गिरोह ने तकनीक का दुरुपयोग कर परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता को गंभीर चुनौती दी थी। उन्होंने कहा कि आरोपी से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं और जल्द ही अन्य शामिल लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई को मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत नकल माफियाओं पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता से खिलवाड़ करने वाले किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे गिरोहों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।





