- कांग्रेस का आरोप—27 दिन बाद भी FIR नहीं
- दोषियों पर कार्रवाई की मांग
- राहुल गांधी पर दर्ज मुकदमे को बताया एकतरफा
हल्द्वानी। हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ प्रकरण को लेकर सियासी घमासान एक बार फिर तेज हो गया है। शनिवार को राज्यसभा सांसद, महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष और कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य चंद्रकांत हंडोरे हल्द्वानी पहुंचे। उन्होंने हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश समेत कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ सीओ हल्द्वानी से मुलाकात कर एसएसपी नैनीताल के नाम पत्र सौंपते हुए कथित शुद्धिकरण में शामिल लोगों और संगठनों के खिलाफ FIR दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की। सांसद हंडोरे ने अपने पत्र में 8 अगस्त 2026 को रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद कथित तौर पर किए गए शुद्धिकरण को गंभीर और निंदनीय घटना बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कृत्य छुआछूत की मानसिकता को दर्शाता है और संविधान के अनुच्छेद 17 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के संदर्भ में गंभीर मामला है। पत्र में कहा गया कि इस प्रकरण को संसद में भी उठाया गया था और सदन में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद घटना के 27 दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कथित शुद्धिकरण में शामिल व्यक्तियों एवं संगठनों के खिलाफ FIR दर्ज नहीं होने पर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं।
हंडोरे ने आरोप लगाया कि वास्तविक दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज की गई, जिसे उन्होंने एकतरफा और अन्यायपूर्ण कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति सहित समाज के विभिन्न वर्गों में आक्रोश है। कांग्रेस सांसद ने SSP नैनीताल से मांग की है कि कथित शुद्धिकरण प्रकरण में शामिल लोगों और संगठनों के खिलाफ SC/ST एक्ट तथा भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं में तत्काल FIR दर्ज की जाए। साथ ही मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई है। पत्र में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR को हटाने की मांग भी उठाई गई है। हंडोरे ने चेतावनी दी कि यदि यह मुकदमा वापस नहीं लिया गया तो SC/ST वर्ग के कांग्रेस सांसद राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर मामले को लोकतांत्रिक तरीके से उठाएंगे। इस दौरान हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश सहित कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कथित शुद्धिकरण प्रकरण को लेकर कांग्रेस लगातार कार्रवाई की मांग कर रही है, ऐसे में राज्यसभा सांसद के हल्द्वानी पहुंचकर पुलिस अधिकारियों को पत्र सौंपने से मामला एक बार फिर राजनीतिक केंद्र में आ गया है।





