- 820 संदिग्ध बैंक खातों की जांच में 159 FIR
- 1,236 ATM निकासी मामलों का सत्यापन
- 644 SIM और 630 IMEI ब्लॉक
देहरादून। साइबर अपराधियों के पूरे नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए उत्तराखंड STF ने प्रदेशव्यापी “ऑपरेशन हॉटस्पॉट” चलाकर बड़ी कार्रवाई की है। 24 अगस्त से 1 सितंबर तक चले सात दिवसीय अभियान में मनी म्यूल अकाउंट, ATM व चेक निकासी, संदिग्ध SIM-POS और डिजिटल फुटप्रिंट की एक साथ जांच की गई। अभियान में 10 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि सैकड़ों संदिग्ध खातों और डिजिटल संसाधनों पर कार्रवाई की गई। STF के अनुसार 820 संदिग्ध बैंक खातों का सत्यापन कर 159 FIR, जबकि 1,236 ATM Withdrawal Locations के सत्यापन में 32 FIR दर्ज की गईं। इसी तरह 84 चेक निकासी मामलों में 37 FIR और 22 संदिग्ध SIM-POS के सत्यापन में 10 FIR दर्ज हुईं। साइबर अपराध में इस्तेमाल 644 SIM और 630 IMEI ब्लॉक कराए गए तथा 442 संदिग्ध मामलों का सत्यापन किया गया।
अभियान के दौरान हरिद्वार में “नवादा ग्रुप” का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जांच में 200 से अधिक बैंक खातों की कड़ियां सामने आईं। आरोपियों से 45 से अधिक ATM कार्ड, 20 पासबुक, दो लैपटॉप और 17 मोबाइल बरामद किए गए। STF ने पूर्व में गिरफ्तार 240 साइबर अपराधियों की Samanvaya Portal के माध्यम से Mapping की, जिसमें 100 से अधिक अन्य साइबर अपराधों से उनके लिंक सामने आने की बात कही गई है। वहीं वर्ष 2026 में 1930/NCRP पर प्राप्त 18,749 शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए करीब ₹23.44 करोड़ की ठगी की रकम Hold/Save कराई गई। उत्तराखंड पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन हॉटस्पॉट के बाद भी साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। PRATIBIMB, NCRP और अन्य तकनीकी माध्यमों से मिले डेटा के आधार पर मनी म्यूल, संदिग्ध बैंक खाते, SIM-POS और साइबर अपराध में इस्तेमाल डिजिटल संसाधनों की पहचान कर नेटवर्क के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।




