- एक लाख रुपये मासिक स्टाइपेंड की मांग को लेकर आठ दिन से आंदोलनरत थे डॉक्टर
- समाधान नहीं हुआ तो फिर शुरू होगा आंदोलन
हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल परिसर में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर पिछले आठ दिनों से आंदोलन कर रहे पीजी रेजिडेंट डॉक्टरों ने फिलहाल अपनी हड़ताल दो सप्ताह के लिए स्थगित कर दी है। डॉक्टरों के देहरादून स्थित प्रतिनिधिमंडल की सरकार और स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों के साथ हुई वार्ता के बाद उन्हें मांगों पर कार्रवाई के लिए 15 से 20 दिन का आश्वासन मिला है। इसके बाद डॉक्टरों ने हड़ताल स्थगित करने का निर्णय लिया। पीजी रेजिडेंट डॉक्टर लंबे समय से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अस्पताल में जिम्मेदारियों, लगातार बढ़ते कार्यभार और प्रशिक्षण के दौरान होने वाले खर्च को देखते हुए वर्तमान स्टाइपेंड पर्याप्त नहीं है।
डॉक्टरों की प्रमुख मांग न्यूनतम एक लाख रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड किए जाने की है। इसी मांग को लेकर उन्होंने आठ दिन पहले हड़ताल शुरू की थी। डॉक्टरों के अनुसार देहरादून में प्रतिनिधियों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष उनकी मांगों को रखा। वार्ता के दौरान अधिकारियों की ओर से 15 से 20 दिन के भीतर मामले में समाधान की दिशा में कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। आश्वासन मिलने के बाद पीजी रेजिडेंट डॉक्टरों ने फिलहाल आंदोलन स्थगित कर दिया है। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि यह हड़ताल स्थायी रूप से समाप्त नहीं की गई है। यदि तय समय सीमा के भीतर उनकी मांगों पर कोई ठोस समाधान नहीं निकलता है, तो वे दोबारा हड़ताल शुरू करने के साथ आगे की रणनीति तय करेंगे। फिलहाल सरकार और स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिलने वाले निर्णय पर डॉक्टरों की नजर बनी हुई है।




