हल्द्वानी। कुमाऊँ मंडल के आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने मंगलवार को हल्द्वानी स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुना और कई लंबित मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान भूमि विवाद, अवैध ऋण, धोखाधड़ी और पेंशन जैसे मामलों ने प्रमुख रूप से ध्यान खींचा, जिन पर आयुक्त ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की संपत्ति खरीद-बिक्री में नकद लेनदेन से बचना बेहद जरूरी है और बैंक के माध्यम से किया गया भुगतान ही भविष्य में सबसे मजबूत साक्ष्य बनता है। जनता को जागरूक करते हुए आयुक्त ने अनरजिस्टर्ड व्यक्तियों और निजी साहूकारों से ऋण लेने को जोखिमपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में अत्यधिक ब्याज, दबाव और आर्थिक नुकसान की संभावना बनी रहती है, इसलिए आमजन केवल अधिकृत बैंक और पंजीकृत वित्तीय संस्थानों से ही ऋण लें।
जनसुनवाई के दौरान कालाढूंगी क्षेत्र की एक महिला द्वारा ब्याज के नाम पर भूमि हड़पने की शिकायत सामने आने पर आयुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित व्यक्ति को दो लाख रुपये वापस करने के निर्देश दिए और भविष्य में इस तरह के अवैध कार्य न करने की सख्त चेतावनी दी। भूमि क्रय-विक्रय में धोखाधड़ी के एक अन्य मामले में, जहां पूरी रकम देने के बावजूद रजिस्ट्री नहीं की गई थी, आयुक्त ने सभी पक्षों को तलब कर 5 मई तक रजिस्ट्री पूर्ण करने के निर्देश दिए और आदेश की अवहेलना पर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी। वहीं, एक सेवानिवृत्त कर्मचारी की पुत्री को पेंशन न मिलने के मामले में संबंधित अधिकारियों को तत्काल भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, बिना आवेदन के बैंक द्वारा लोन स्वीकृत किए जाने की शिकायत पर आयुक्त ने बैंक अधिकारियों को फटकार लगाते हुए मामले के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। पारिवारिक भूमि विवाद के मामले में भी संबंधित राजस्व अधिकारियों को अभिलेखों की जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई करने के आदेश दिए गए।





