हल्द्वानी। चिकित्सा क्षेत्र में उम्मीद और हुनर की मिसाल पेश करते हुए चंदन हॉस्पिटल ने एक ऐसे मामले में सफलता हासिल की है, जिसे आमतौर पर असंभव माना जाता है। प्रिटिंग मशीन की डाई लगाते समय हुए भीषण हादसे में एक व्यक्ति का हाथ पूरी तरह कट गया था, लेकिन डॉक्टरों की तत्परता और विशेषज्ञता ने न सिर्फ उस हाथ को बचा लिया, बल्कि मरीज की जिंदगी में फिर से उम्मीद जगा दी। घटना के बाद घायल को पहले रुद्रपुर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर देखते हुए उसे हल्द्वानी स्थित चंदन हॉस्पिटल रेफर किया गया। यहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने बिना समय गंवाए स्थिति का आकलन किया और तुरंत ऑपरेशन का निर्णय लिया। कई घंटों तक चली इस जटिल माइक्रो सर्जरी में डॉक्टरों की टीम ने कटे हुए हाथ को सफलतापूर्वक दोबारा जोड़ दिया, जो चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन का नेतृत्व वरिष्ठ प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जन डॉ. सारिका गंगवार ने किया, जबकि डॉ. अंशुमन रॉय ने अहम सहयोग दिया। डॉक्टरों की कुशलता, अनुभव और समर्पण ने न केवल एक अंग को बचाया, बल्कि मरीज की सामान्य जीवनशैली और आत्मविश्वास को भी वापस लौटा दिया। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, चंदन हॉस्पिटल में आधुनिक प्लास्टिक और माइक्रो सर्जरी की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिनकी मदद से ऐसे जटिल मामलों का सफल उपचार संभव हो पा रहा है। यह सफलता केवल एक ऑपरेशन नहीं, बल्कि इस बात का जीवंत उदाहरण है कि समय पर सही इलाज और मानवीय संवेदनाओं के साथ किया गया प्रयास, असंभव को भी संभव बना सकता है।





