- 10 हथियारबंद बदमाशों ने गोरापड़ाव में बोला था धावा
- तमंचे, कारतूस, लूटी रकम और वारदात में इस्तेमाल क्रेटा-स्कॉर्पियो बरामद
हल्द्वानी। गोरापड़ाव में हथियारों के बल पर हुई लाखों रुपये की डकैती के मामले में नैनीताल पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देश पर गठित विशेष पुलिस टीम ने लगातार दबिश और सीसीटीवी व सर्विलांस की मदद से चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस इससे पहले मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार अवैध तमंचे, सात जिंदा कारतूस, 18 हजार रुपये नकद और वारदात में प्रयुक्त क्रेटा व स्कॉर्पियो वाहन बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक 19 अगस्त को गोरापड़ाव-तीनपानी क्षेत्र में करीब 10 हथियारबंद बदमाशों ने एक कार्यालय/गैराज में घुसकर डकैती की वारदात को अंजाम दिया था।आरोपियों ने करीब आठ लाख रुपये की नकदी, 12 मोबाइल फोन तथा सोने की चेन और अंगूठी लूट ली थी। घटना के बाद हल्द्वानी कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर एसएसपी ने करीब 50 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष टीम गठित की थी।
जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और पूछताछ से आरोपियों की कड़ियां जुड़ती गईं। पुलिस ने अमनदीप सिंह और शिवराज सिंह को नई दिल्ली के डीएनडी फ्लाईओवर-जैतपुर मोड़ से, जबकि यश सिडाना को हल्द्वानी और अफजल मलिक को किच्छा से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने डकैती की वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक क्रेटा और एक स्कॉर्पियो के साथ तमंचे व कारतूस बरामद किए हैं। मामले में बरामदगी के आधार पर बीएनएस की संबंधित धाराओं और आर्म्स एक्ट की धाराएं भी बढ़ाई गई हैं। पुलिस अब फरार अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने डकैती के शीघ्र खुलासे में जुटी पुलिस टीम के उत्साहवर्धन के लिए ₹2,500 के पुरस्कार की घोषणा की है। पुलिस का कहना है कि वारदात में शामिल सभी आरोपियों तक पहुंचने के लिए जांच और दबिश की कार्रवाई लगातार जारी है।




