देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिरों से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता के मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इन मामलों की जांच उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश अथवा विधानसभा की सर्वदलीय समिति से कराई जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अब तक सामने आए गंभीर आरोपों पर पारदर्शी और जवाबदेह रवैया अपनाने में विफल रही है। यशपाल आर्य ने कहा कि केदारनाथ मंदिर के स्वर्ण प्रकरण और अयोध्या के राम मंदिर में कथित वित्तीय अनियमितताओं की चर्चाओं के बाद अब बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ी की खबरों ने श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ा दी है। उनका कहना है कि सरकार को इन सभी मामलों पर स्पष्ट और तथ्यात्मक स्थिति जनता के सामने रखनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले लगभग दस वर्षों से श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति में अध्यक्ष सहित अधिकांश पदों पर भारतीय जनता पार्टी से जुड़े लोग रहे हैं और इस दौरान समय-समय पर विभिन्न अनियमितताओं के आरोप सामने आते रहे, लेकिन किसी भी मामले की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि केदारनाथ स्वर्ण प्रकरण की जांच रिपोर्ट भी आज तक सार्वजनिक नहीं की गई, जिससे पूरे मामले पर संदेह और गहरा हुआ है। नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि सार्वजनिक हुए कुछ अभिलेखों से मंदिर समिति की निधि के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर के दान से प्राप्त धन का उपयोग प्रधानमंत्री के भाई, एक मंत्री की पुत्री तथा स्थानीय विधायक की यात्रा पर किए जाने जैसे आरोप भी सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर समिति अध्यक्ष ने 20 दिन में जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की घोषणा की थी, लेकिन एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई। यशपाल आर्य ने कहा कि अब बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ी के आरोपों की भी आंतरिक समिति से जांच कराने की बात कही जा रही है, जबकि आरोप स्वयं अध्यक्ष के निजी स्टाफ से जुड़े लोगों पर हैं। ऐसे में आंतरिक जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की जांच उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित स्वतंत्र समिति या उत्तराखंड विधानसभा की सर्वदलीय जांच समिति से कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आए और देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रह सके।







