- कांग्रेस ने सरकारी संपत्तियों के PPP और लीज मॉडल पर उठाए सवाल
- गोविंद सिंह बिष्ट बोले—सरकार सार्वजनिक संपत्तियों का पूरा हिसाब जनता के सामने रखे
हल्द्वानी। उत्तराखंड की सरकारी जमीनों और सार्वजनिक संपत्तियों को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने आरोप लगाया कि सरकार प्रदेश की बेशकीमती सरकारी संपत्तियों को लंबे समय के लिए निजी हाथों में देने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन उत्तराखंड की सामूहिक विरासत हैं और सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि सार्वजनिक संपत्तियों को निजी क्षेत्र के माध्यम से विकसित करने से प्रदेश और स्थानीय जनता को क्या लाभ मिलेगा। सुमित हृदयेश ने हल्द्वानी में कहा कि उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (UIIDB) की वेबसाइट पर नैनीताल के पटवाडांगर में प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी प्रोजेक्ट, हरिद्वार के अलकनंदा होटल के पुनर्विकास और ऋषिकेश PWD गेस्ट हाउस के PPP मॉडल से संबंधित निविदाएं दर्ज हैं। UIIDB की आधिकारिक वेबसाइट पर इन तीनों परियोजनाओं से संबंधित RFP भी सूचीबद्ध हैं। कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि सरकारी संपत्तियों को निजी क्षेत्र के हवाले करने की ऐसी प्रक्रियाओं में सरकार को पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि इन परियोजनाओं की शर्तें किस आधार पर तय की जा रही हैं और लंबे समय के लिए सार्वजनिक परिसंपत्तियों के इस्तेमाल से स्थानीय युवाओं, कारोबारियों और आम लोगों को कितना लाभ मिलेगा।
सुमित हृदयेश ने जॉर्ज एवरेस्ट मामले का भी उल्लेख करते हुए कहा कि सरकारी निवेश से विकसित परिसंपत्तियों को निजी ऑपरेटर को दिए जाने को लेकर सवाल उठे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सार्वजनिक संपत्तियों से जुड़े ऐसे फैसलों पर सरकार से जवाब मांगती रहेगी और इन प्रक्रियाओं की शर्तों, मूल्यांकन तथा जनहित से जुड़े पहलुओं को सार्वजनिक करने की मांग करेगी। वहीं महानगर कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट ने कहा कि उत्तराखंड की जमीन केवल संपत्ति नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की पूंजी है। उन्होंने सरकार से मांग की कि सरकारी जमीनों और परिसंपत्तियों को लीज या PPP के माध्यम से दिए जाने की प्रक्रिया का पूरा विवरण जनता के सामने रखा जाए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि ऐसी परियोजनाओं में स्थानीय लोगों और स्थानीय कारोबारियों की भागीदारी कितनी सुनिश्चित की जा रही है। गोविंद सिंह बिष्ट ने कहा कि कांग्रेस सरकारी संपत्तियों के उपयोग को लेकर पारदर्शिता और जनहित की मांग उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिसंपत्तियों का इस्तेमाल स्थानीय रोजगार, सार्वजनिक सुविधाओं और प्रदेश के दीर्घकालिक हितों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी सरकारी संपत्तियों की नीलामी, लीज और PPP प्रक्रियाओं की शर्तों, मूल्यांकन और लाभार्थियों का विवरण सार्वजनिक करने की मांग को लेकर जनता के बीच जाएगी। हालांकि UIIDB अपने आधिकारिक विवरण में PPP को बुनियादी ढांचे के विकास और निजी क्षेत्र के साथ सहयोग का माध्यम बताता है तथा रोजगार और आर्थिक विकास को अपने उद्देश्यों में शामिल करता है।




