देहरादून। उत्तराखंड के बहुचर्चित LUCC (लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी) चिटफंड घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विशेष BUDS एक्ट कोर्ट, देहरादून में 18 आरोपियों और LUCC संस्था के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। करीब 800 करोड़ रुपये के निवेश और 400 करोड़ रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी वाले इस मामले में सीबीआई ने इसे उत्तराखंड के सबसे बड़े पोंजी (Ponzi) घोटालों में से एक बताया है। सीबीआई ने चार्जशीट में मुख्य आरोपी समीर अग्रवाल, उसकी पत्नी सानिया अग्रवाल, शादाब हुसैन, उत्तम कुमार सिंह राजपूत, जितेंद्र सिंह निरंजन, दिनेश सिंह, गिरीश चंद्र सिंह बिष्ट, जगमोहन बिष्ट, ममता भंडारी, तरुण कुमार मौर्य, गौरव उर्फ गौरव रोहिल्ला, सुशील गोखरू, किशनलाल उदयलाल जैन, पंकज कुशल सिंह जैन, राजेंद्र सिंह बिष्ट समेत अन्य आरोपियों और LUCC सोसाइटी को भारतीय दंड संहिता (IPC), भारतीय न्याय संहिता (BNS), उत्तराखंड जमाकर्ता हित संरक्षण अधिनियम तथा Banning of Unregulated Deposit Schemes (BUDS) Act की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपी बनाया है। सीबीआई जांच में सामने आया कि वर्ष 2012 में वाजिद खान द्वारा पंजीकृत LUCC सोसाइटी का नियंत्रण वर्ष 2016 में समीर अग्रवाल ने अपने हाथ में ले लिया और नया निदेशक मंडल गठित कर उत्तराखंड में 50 से अधिक शाखाओं के माध्यम से अवैध निवेश योजनाएं संचालित कीं। जांच में यह भी सामने आया कि उत्तराखंड में संचालन की औपचारिक अनुमति वर्ष 2017 में मिली, लेकिन सोसाइटी ने 2016 से ही अवैध रूप से कारोबार शुरू कर दिया था।
सीबीआई के अनुसार LUCC के पास कोई वास्तविक व्यापार या आय का स्रोत नहीं था। पुराने निवेशकों को भुगतान नए निवेशकों से जुटाई गई रकम से किया जाता था, जिससे यह पूरी तरह पोंजी स्कीम साबित हुई। इस योजना के जरिए एक लाख से अधिक निवेशकों को झांसा देकर करीब 800 करोड़ रुपये जमा कराए गए। हालांकि कुछ निवेशकों को आंशिक भुगतान किया गया, लेकिन 400 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का गबन सामने आया है। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी समीर अग्रवाल ने किशनलाल उदयलाल जैन और पंकज कुशल सिंह जैन के साथ मिलकर 10 फर्जी (शेल) कंपनियों के बैंक खाते खुलवाए और निवेशकों की रकम इन खातों में ट्रांसफर कर सैकड़ों खातों के जरिए लेयरिंग करते हुए धन का दुरुपयोग किया। सीबीआई के मुताबिक समीर अग्रवाल और उसकी पत्नी सानिया अग्रवाल विदेश फरार हैं। दोनों के खिलाफ नोटिस और लुकआउट सर्कुलर जारी किए गए हैं ताकि उन्हें भारत लाकर कानूनी कार्रवाई की जा सके। सीबीआई ने जांच के दौरान आरोपियों की संपत्तियों की भी पहचान की। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में स्थित 39 संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई के लिए सक्षम प्राधिकारी को भेजा गया, जिनमें से 29 संपत्तियों की अस्थायी कुर्की के आदेश जारी किए जा चुके हैं। शेष 10 संपत्तियों पर भी कुर्की की प्रक्रिया जारी है। मामले की जांच के दौरान सीबीआई ने तरुण कुमार मौर्य, ममता भंडारी, गौरव रोहिल्ला, राजेंद्र सिंह बिष्ट, सुशील कुमार गोखरू, किशनलाल उदयलाल जैन और पंकज कुशल सिंह जैन सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था। सभी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि फरार और अन्य आरोपियों के खिलाफ सीबीआई की जांच और कार्रवाई लगातार जारी है।





