हल्द्वानी। शहर में एक साथ चल रहे सड़क, पेयजल, सीवर और अन्य विकास कार्यों के बीच आपसी समन्वय की कमी अब बाधा नहीं बनेगी। नगर निगम में हुई अंतरविभागीय बैठक में अधिकारियों ने मानसून के बाद कामों को तेज करने की रणनीति तय की। मुख्य मार्गों पर बने गड्ढों को तत्काल अस्थायी रूप से भरने और बारिश खत्म होते ही सड़कों की री-सर्फेसिंग कराने के निर्देश दिए गए। नगर निगम के मीटिंग हॉल में सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेई और नगर आयुक्त परितोष वर्मा की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों की समन्वय बैठक आयोजित हुई। बैठक में एडीबी, जमरानी, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई और अमृत योजना समेत शहर में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति और आपसी समन्वय की समीक्षा की गई। सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेई ने कहा कि मानसून के दौरान नई खुदाई पर रोक के बाद अब बारिश कम होने के साथ विकास कार्यों को किस तरह व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जाए, इस पर विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने विद्युत पोलों की शिफ्टिंग, पेड़ों से जुड़े मामलों और विभिन्न विभागों की योजनाओं के बीच समन्वय बनाकर काम को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया।
बैठक में शहर की सड़कों पर बने गड्ढों को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि मानसून के दौरान गड्ढों को फिलहाल अस्थायी रूप से भरा जाए, जबकि बारिश का सीजन समाप्त होते ही बिटुमिन से सड़कें स्थायी रूप से दुरुस्त कर री-सर्फेसिंग की जाए। इसके लिए विभागों को अभी से तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं नरीमन चौराहे से तीनपानी तक सड़क चौड़ीकरण की योजना को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि परियोजना के तहत करीब 101 संपत्तियों को नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें अब लगभग 14 स्ट्रक्चर ऐसे हैं जिन पर न्यायिक स्टे है। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर तय किया कि जहां भूमि संबंधी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां विद्युत पोल शिफ्टिंग के साथ फुटपाथ और सड़क निर्माण का काम जल्द शुरू किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि विभागों के बीच बेहतर तालमेल के साथ शहर में चल रहे विकास कार्यों को अब टाइम-बाउंड तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि जनता को लंबे समय तक निर्माण और खुदाई की परेशानियों का सामना न करना पड़े।










