- दीपक रावत ने अधिकारियों को लगाई फटकार, बोले— समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण पूरे हों काम, लापरवाही पर होगी जवाबदेही
हल्द्वानी। शहर में 230 करोड़ रुपये की लागत से चल रही सड़क और ड्रेनेज परियोजनाओं में देरी पर कुमाऊं आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने कड़ी नाराजगी जताई है। स्थलीय निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर माइक्रो प्लान के तहत तेजी से कार्य पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि अनावश्यक देरी के लिए संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। मंगलवार को दीपक रावत ने कैंप कार्यालय से पैदल मंगल पड़ाव तक यूयूएसडीए की ओर से संचालित सड़क एवं ड्रेनेज परियोजनाओं का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने शनि बाजार क्षेत्र में निर्माणाधीन नाले का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान विभिन्न स्थानों पर खुदाई के बाद छोड़े गए गड्ढों और आमजन को हो रही परेशानियों पर उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई और निर्देश दिए कि सड़क खोदने के बाद पुनर्स्थापना कार्य तत्काल पूरा किया जाए तथा सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
आयुक्त ने कहा कि विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण परियोजनाओं की गति प्रभावित हुई है, जिसे हर हाल में दूर किया जाए। उन्होंने यूयूएसडीए अधिकारियों को विस्तृत माइक्रो प्लान तैयार कर तय समयसीमा में सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए। बरेली रोड पर हाल ही में हुई सड़क दुर्घटनाओं का उल्लेख करते हुए दीपक रावत ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के साथ समन्वय कर दुर्घटना संभावित क्षेत्र में अंडरपास निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने एनएचएआई अधिकारियों को ऐसे स्थानों पर शीघ्र चेतावनी संकेतक (साइनेज) लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने वाहन चालकों से भी अपील की कि रॉन्ग साइड वाहन चलाने जैसी लापरवाही से बचें, क्योंकि यह गंभीर सड़क हादसों का प्रमुख कारण बनती है।निरीक्षण के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी, नगर आयुक्त परितोष वर्मा, यूयूएसडीए की परियोजना निदेशक मृदुला सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर गुरप्रीत सिंह, उपजिलाधिकारी मोनिका, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता प्रत्यूष सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।






