रुद्रपुर। जनपद ऊधम सिंह नगर में वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाते हुए पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत कोतवाली ट्रांजिट कैम्प और कोतवाली खटीमा पुलिस ने अलग-अलग अभियानों में पांच शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे और निशानदेही पर चोरी की 11 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। इस कार्रवाई से वाहन चोरी के कई मामलों का सफल अनावरण हुआ है। पुलिस के अनुसार वाहन चोर सुनसान स्थानों, बाजारों, जिम, दुकानों और सार्वजनिक स्थलों पर खड़े वाहनों की रेकी कर उन्हें निशाना बनाते थे। चोरी के बाद वाहन झाड़ियों, कच्चे रास्तों और सुनसान इलाकों में छिपाकर रखे जाते थे, ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके। बाद में इन्हें कम कीमत पर बेचकर आर्थिक लाभ कमाया जाता था। ट्रांजिट कैम्प पुलिस को 2 जून को सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति गणेशपुर रोड स्थित एक खंडहर के पास चोरी की मोटरसाइकिल के साथ मौजूद हैं। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपियों ने कई अन्य वाहन चोरी की घटनाओं में भी संलिप्तता स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर विभिन्न स्थानों पर छिपाकर रखी गई पांच अन्य चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। बरामद वाहन ट्रांजिट कैम्प और पंतनगर क्षेत्र में दर्ज विभिन्न मुकदमों से संबंधित पाए गए। वहीं खटीमा पुलिस लंबे समय से क्षेत्र में हुई वाहन चोरी की घटनाओं की जांच कर रही थी। इसी दौरान पुलिस ने ग्राम सुजिया मार्ग के पास से फरमान फरीदी उर्फ फुकना को चोरी की मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अन्य चोरी की घटनाओं का भी खुलासा किया। उसकी निशानदेही पर झाड़ियों में छिपाकर रखी गई कई मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। बाद में पुलिस ने उसके साथी पवन धामी को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर कुल पांच चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद हुईं। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी पहले सार्वजनिक स्थानों पर खड़े वाहनों की निगरानी करते थे और मौका मिलते ही लॉक तोड़कर या अन्य तरीकों से उन्हें चोरी कर लेते थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमे दर्ज कर लिए हैं तथा उनके आपराधिक इतिहास और नेटवर्क की भी गहन जांच की जा रही है।





