- डॉक्टरों की कमी, रेफरल बढ़ने, इमरजेंसी सेवाओं और गंदगी पर उठाए सवाल, व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार की मांग
हल्द्वानी। कुमाऊं के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) की लगातार बिगड़ती स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर समाजसेवी उवैस राजा के नेतृत्व में लोगों ने राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य के नाम ज्ञापन सौंपकर अस्पताल की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार की मांग की। ज्ञापन में डॉक्टरों की कमी, इमरजेंसी सेवाओं की बदहाली, मरीजों को लगातार रेफर किए जाने और अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की खराब स्थिति को गंभीर चिंता का विषय बताया गया। ज्ञापन में कहा गया कि अस्पताल में वरिष्ठ चिकित्सकों की लगातार कमी के कारण मरीजों को समय पर विशेषज्ञ उपचार नहीं मिल पा रहा है। सर्जरी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, बाल रोग और न्यूरो सर्जरी जैसे महत्वपूर्ण विभागों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से मरीजों को मजबूरन बरेली, दिल्ली और निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। साथ ही अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ की अनुपलब्धता को भी गंभीर समस्या बताया गया।
समाजसेवी उवैस राजा ने कहा कि एसटीएच पूरे कुमाऊं की स्वास्थ्य सेवाओं का सबसे बड़ा केंद्र है, जहां दूर-दराज के जिलों से मरीज इलाज की उम्मीद लेकर आते हैं, लेकिन चिकित्सकों की कमी और संसाधनों के अभाव में उन्हें रेफर किया जा रहा है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से रिक्त पदों पर शीघ्र वरिष्ठ चिकित्सकों की नियुक्ति कराने की मांग की। ज्ञापन में अस्पताल की इमरजेंसी सेवाओं पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया गया कि कुछ जूनियर डॉक्टरों का मरीजों और तीमारदारों के प्रति व्यवहार उचित नहीं है, जिससे पहले से परेशान मरीजों को और अधिक मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा अस्पताल के विभिन्न विभागों में शौचालयों की बदहाल स्थिति और गंदगी पर भी नाराजगी जताई गई तथा नियमित सफाई और बेहतर रखरखाव सुनिश्चित करने की मांग की गई। ज्ञापन के माध्यम से प्राचार्य से आग्रह किया गया कि इन सभी समस्याओं को शासन और संबंधित उच्च अधिकारियों के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाकर जल्द समाधान कराया जाए, ताकि कुमाऊं की जनता को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।







