- दलित समाज के सम्मान से जोड़कर कांग्रेस ने उठाए सवाल, राष्ट्रपति के नाम नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन
हल्द्वानी। रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद कथित तौर पर किए गए ‘शुद्धिकरण’ को लेकर हल्द्वानी में सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग ने इसे दलित समाज के सम्मान और सामाजिक समानता के खिलाफ बताते हुए बुधवार को बुद्ध पार्क में जोरदार प्रदर्शन किया और भाजपा का पुतला फूंका। कांग्रेस नेताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन भी सौंपा। नैनीताल कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के जिलाध्यक्ष इन्दर पाल आर्य के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि 8 अगस्त को रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद भाजपा एवं उससे जुड़े संगठनों द्वारा मैदान में हवन और गंगाजल का छिड़काव किया गया। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को सामाजिक भेदभाव और संविधान की समानता की भावना के विपरीत करार दिया। इन्दर पाल आर्य ने कहा कि किसी दलित नेता के कार्यक्रम के बाद सार्वजनिक स्थल का इस तरह ‘शुद्धिकरण’ किया जाना केवल मल्लिकार्जुन खड़गे का अपमान नहीं, बल्कि अनुसूचित जाति समाज के सम्मान, स्वाभिमान और गरिमा पर भी सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसी मानसिकता का हर स्तर पर विरोध करेगी।
समन्वयक राजीव गांधी पंचायती राज राधा आर्य ने भी घटना को निंदनीय बताते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थान को लेकर इस तरह की कार्रवाई सामाजिक भाईचारे को कमजोर करती है। वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल ने भाजपा पर दलित विरोधी मानसिकता रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि रामलीला मैदान की घटना सामाजिक सौहार्द और संविधान में निहित समानता के सिद्धांत के खिलाफ है। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो अनुसूचित जाति समाज के साथ मिलकर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन और पुतला दहन में कांग्रेस के कई पदाधिकारी, अनुसूचित जाति विभाग के कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। मामले को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप से हल्द्वानी का सियासी माहौल एक बार फिर गरमा गया है।






