- कोटद्वार की कंपनी का मालिक गिरफ्तार,
- नकली दवाओं के निर्माण और ऑनलाइन बिक्री का आरोप
- फैक्ट्री से 3 किलो टैबलेट व 34 पंच उपकरण बरामद
देहरादून। नकली और जानलेवा दवाओं के कारोबार के खिलाफ उत्तराखंड STF ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संगठित गिरोह के मुख्य सरगना को बिजनौर से गिरफ्तार किया है। STF के मुताबिक आरोपी विशद कुमार चांदपुर, बिजनौर का रहने वाला है और कोटद्वार स्थित मैसर्स नैक्टर हर्ब्स एंड ड्रग्स कंपनी का मालिक है। इस कंपनी पर प्रतिष्ठित फार्मा कंपनियों के नाम पर नकली दवाएं तैयार करने और उनकी बिक्री से जुड़े आरोप पहले भी सामने आ चुके हैं। STF के अनुसार सोशल मीडिया और ऑनलाइन माध्यमों से प्रतिष्ठित कंपनियों की जीवनरक्षक दवाओं की हूबहू नकल कर बाजार में सप्लाई करने वाले गिरोह के खिलाफ कार्रवाई चल रही है। मामले में पहले सम्भल निवासी जतिन और देहरादून निवासी गौरव त्यागी को गिरफ्तार किया जा चुका है। विवेचना के दौरान कड़ियां जोड़ते हुए STF टीम मुख्य सरगना तक पहुंची और उसे चांदपुर से गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान 23 मई 2026 को सिडकुल सिगड्डी, कोटद्वार स्थित नैक्टर हर्ब्स एंड ड्रग्स में संबंधित विभागों के साथ संयुक्त कार्रवाई की गई थी।
STF के मुताबिक मौके से करीब 3 किलोग्राम कम्प्रेस्ड टैबलेट और टैबलेट निर्माण में इस्तेमाल होने वाले 34 पंच उपकरण बरामद किए गए थे। इसके बाद फैक्ट्री को नियमानुसार सीज कर दिया गया। STF के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की कंपनी पहले भी विवादों में रही है। वर्ष 2021 में कोरोना काल के दौरान कंपनी में कथित तौर पर नकली रेमडेसिविर के निर्माण के आरोप सामने आए थे। वर्ष 2024 में तेलंगाना पुलिस द्वारा कंपनी में कार्रवाई और सैंपलिंग किए जाने की जानकारी भी जांच में सामने आई है। कंपनी का औषधि निर्माण लाइसेंस भी पहले निरस्त किया जा चुका है। मामले में STF द्वारा BNS की विभिन्न धाराओं के साथ कॉपीराइट एक्ट, IT Act और NDPS Act की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना की जा रही है। STF ने लोगों से अपील की है कि दवाएं केवल अधिकृत और लाइसेंसधारी मेडिकल स्टोर से ही खरीदें। नकली दवा, अवैध औषधि निर्माण या बिना लाइसेंस संचालित फैक्ट्री की जानकारी STF को दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखने की बात कही गई है।





