- बीच रास्ते में अचानक बंद हो रहे ई-रिक्शे, मरीजों और स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर खतरे का दावा, संदिग्ध गिरोह पर वसूली के आरोप
रामनगर। नैनीताल जिले के रामनगर में ई-रिक्शा चालकों ने अपने वाहनों के बीच रास्ते में अचानक बंद होने और कथित तौर पर ‘BAT ऐप’ के जरिए उन्हें नियंत्रित किए जाने का गंभीर आरोप लगाते हुए उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। चालकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इस समस्या के कारण न केवल उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है। ई-रिक्शा चालकों का आरोप है कि कथित ‘BAT ऐप’ के कारण उनके वाहन अचानक कहीं भी रुक जाते हैं, जिससे उन्हें और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि कई बार ई-रिक्शा में मरीज, स्कूली बच्चे और गंभीर रूप से बीमार लोग भी सफर कर रहे होते हैं। ऐसे समय में वाहन का बीच रास्ते में बंद हो जाना किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
चालकों ने यह भी आरोप लगाया कि रात के समय यात्रियों को छोड़ने या लाने के दौरान सुनसान और जंगल से गुजरने वाले मार्गों पर वाहन बंद होने से उनकी जान-माल की सुरक्षा पर भी खतरा पैदा हो जाता है। उनका कहना है कि ऐसे इलाकों में जंगली जानवरों का भी डर बना रहता है, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि वाहन बंद होने के कुछ समय बाद कुछ संदिग्ध लोग मौके पर पहुंचते हैं और पैसे लेकर ई-रिक्शा दोबारा चालू करने की बात कहते हैं। ई-रिक्शा चालकों का दावा है कि उन्होंने ऐसे दो संदिग्ध व्यक्तियों को पुलिस के हवाले भी किया था, लेकिन उनके खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। चालकों ने प्रशासन से मांग की है कि कथित ऐप के माध्यम से ई-रिक्शों को बाधित करने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो ई-रिक्शा चालकों की सुरक्षा और आजीविका दोनों पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।





