- ब्रेक फेल की घटनाओं और दुर्घटना संभावित सात ब्लैक स्पॉट का विशेषज्ञों ने किया निरीक्षण, एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश
हल्द्वानी। कालाढूंगी-नैनीताल मोटर मार्ग पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं और वाहनों, विशेषकर टेंपो ट्रैवलर में ब्रेक फेल होने की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए परिवहन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। संयुक्त परिवहन आयुक्त के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम ने गुरुवार को पूरे मार्ग का वैज्ञानिक एवं तकनीकी विश्लेषण (साइंटिफिक हाईवे ऑडिट) किया। इस दौरान दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर तत्काल सुरक्षा सुधार के निर्देश दिए गए, जबकि विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने को कहा गया है। संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा) हल्द्वानी के अनुरोध पर संयुक्त परिवहन आयुक्त राजीव कुमार मेहरा के नेतृत्व में लीड एजेंसी उत्तराखंड, परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग, पुलिस विभाग तथा जेपीआरआई देहरादून के विशेषज्ञों ने कालाढूंगी से नैनीताल तक मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंगोली, घटगढ़, ब्रह्मबाबू मंदिर, प्रिया बैंड-1, प्रिया बैंड-2, लाल मिट्टी तथा भाखड़पुल के समीप सात अत्यंत संवेदनशील स्थलों का गहन परीक्षण किया गया, जहां अक्सर सड़क हादसे होते रहे हैं।
विशेषज्ञों ने मौके पर मौजूद लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सुरक्षा मानकों के अनुरूप तत्काल सुधारात्मक कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही लीड एजेंसी को दीर्घकालिक सुरक्षा उपायों के लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है। निरीक्षण के दौरान कालाढूंगी-नैनीताल मार्ग पर टेंपो ट्रैवलर वाहनों में सामने आ रही ब्रेक फेल की शिकायतों की भी जांच की गई। विशेषज्ञ टीम स्वयं एक टेंपो ट्रैवलर में सवार होकर पूरे मार्ग से गुजरी और वाहन की तकनीकी स्थिति के साथ सड़क की भौगोलिक परिस्थितियों का विश्लेषण किया। इस संबंध में विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत की जाएगी। परिवहन विभाग का मानना है कि वैज्ञानिक हाईवे ऑडिट के आधार पर किए जाने वाले सुधारों से दुर्घटनाओं में कमी आएगी और नैनीताल आने-जाने वाले हजारों यात्रियों की यात्रा अधिक सुरक्षित हो सकेगी। निरीक्षण के दौरान परिवहन, लोक निर्माण विभाग, पुलिस एवं सड़क सुरक्षा से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।





