- अध्यक्ष से लेकर सांस्कृतिक सचिव तक सात पदों पर होगा चुनाव
- उपाध्यक्ष, संयुक्त सचिव और कोषाध्यक्ष के पद छात्राओं के लिए आरक्षित
नैनीताल। उत्तराखंड में छात्रसंघ चुनाव को लेकर एक बड़ा बदलाव किया गया है। छात्राओं की संख्या 66 प्रतिशत से अधिक होने के दृष्टिगत अब छात्रसंघ चुनावों में उन्हें 50 प्रतिशत पदों पर प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। शासन के निर्देश और विश्वविद्यालय कार्य परिषद की मंजूरी के बाद कुमाऊं विश्वविद्यालय ने वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2026-27 से छात्रसंघ चुनावों में छात्राओं के लिए पद आरक्षित करने का निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय परिसर के साथ ही उससे संबद्ध सभी महाविद्यालयों में यह व्यवस्था लागू होगी। सचिव, उच्च शिक्षा विभाग, उत्तराखंड शासन की ओर से 17 सितंबर 2026 को जारी निर्देशों में राजकीय विश्वविद्यालयों और उनसे संबद्ध महाविद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं के 66 प्रतिशत से अधिक होने का उल्लेख करते हुए छात्रसंघ चुनाव में छात्राओं के प्रतिनिधित्व के लिए 50 प्रतिशत पद आरक्षित करने के निर्देश दिए गए थे।

इसके बाद विश्वविद्यालय की गठित समिति की संस्तुति पर कार्य परिषद ने 18 सितंबर को इस व्यवस्था को मंजूरी प्रदान कर दी। विश्वविद्यालय के कार्यालय आदेश के अनुसार वर्तमान सत्र 2026-27 के लिए 29 सितंबर 2026 को निर्धारित छात्रसंघ चुनाव में कुल सात प्रमुख पदों पर निर्वाचन कराया जाएगा। इनमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष छात्र, उपाध्यक्ष छात्रा, सचिव, संयुक्त सचिव, कोषाध्यक्ष और सांस्कृतिक सचिव के पद शामिल हैं। इनमें उपाध्यक्ष छात्रा, संयुक्त सचिव और कोषाध्यक्ष के पद छात्राओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। नए प्रावधान के तहत छात्रसंघ चुनाव में छात्राओं की भागीदारी और प्रतिनिधित्व को संस्थागत रूप से बढ़ाया गया है। विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर नैनीताल समेत सभी संबद्ध महाविद्यालयों को वर्तमान सत्र के छात्रसंघ चुनाव इसी व्यवस्था के तहत संपन्न कराने के निर्देश दिए गए हैं।कुलसचिव प्रो. रजनीश पांडे की ओर से जारी कार्यालय आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह व्यवस्था विश्वविद्यालय कार्य परिषद के अनुमोदन के बाद लागू की जा रही है। अब 29 सितंबर को होने वाले छात्रसंघ चुनाव में नई आरक्षण व्यवस्था के तहत प्रत्याशियों और छात्र संगठनों की चुनावी रणनीति भी प्रभावित होगी।




