हल्द्वानी। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर बुधवार सुबह जिले में विभिन्न विभागों पर की गई औचक छापेमारी से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली व्यवस्था की जमीनी हकीकत सामने आई, जहां कई जगहों पर लापरवाही और व्यवस्थागत खामियां उजागर हुईं। एसडीएम प्रमोद कुमार ने मौके पर ही अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश देते हुए व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार लाने को कहा। सबसे पहले राजकीय प्राथमिक विद्यालय के निरीक्षण में पंजीकृत 30 छात्रों में से केवल 21 की उपस्थिति पाई गई, जबकि विद्यालय में केवल एक सहायक अध्यापिका मौजूद थी और प्रधानाध्यापिका जनगणना कार्य में होने की जानकारी दी गई। निरीक्षण के दौरान शिक्षा की गुणवत्ता अपेक्षा से कम पाई गई, जिस पर संबंधित शिक्षकों को पढ़ाई में सुधार लाने के निर्देश दिए गए। मिड-डे मील में मूंग की दाल, आलू और न्यूट्रीला की सब्जी बनी थी, लेकिन भोजन की गुणवत्ता को और बेहतर करने के निर्देश भी दिए गए।
इसके बाद बेस अस्पताल का निरीक्षण किया गया, जहां कई व्यवस्थागत खामियां सामने आईं। अस्पताल परिसर में लिफ्ट के पास कर्मचारियों द्वारा मोटरसाइकिल खड़ी कर रास्ता बाधित किया गया था, जिसे तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए। वहीं, शाम की ड्यूटी में आने वाले डॉक्टरों द्वारा उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर न करने की गंभीर लापरवाही भी उजागर हुई, जिससे उनकी वास्तविक उपस्थिति पर सवाल खड़े हो गए। हालांकि मरीजों से बातचीत में यह सामने आया कि उन्हें अस्पताल से दवाएं मिल रही हैं, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण इलाज में दिक्कतें बनी हुई हैं। विद्युत वितरण खंड सुभाषनगर के निरीक्षण में सभी कर्मचारी उपस्थित पाए गए और अधिकारियों ने क्षेत्र में फिलहाल रोस्टिंग न होने की जानकारी दी। हालांकि एसडीएम ने क्षेत्र में जर्जर और खराब बिजली के पोलों को जल्द हटाने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी संभावित हादसे से बचा जा सके।





