रामनगर। विकास के दावों के बीच रामनगर के टेढ़ा गांव की जर्जर सड़कें एक बार फिर चर्चा में हैं। गांव की बदहाल सड़क व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश देखने को मिला, जब समाजसेवी राहुल सिंह दरम्वाल ने गांव पहुंचकर स्थानीय लोगों के साथ पैदल भ्रमण किया और जमीनी हकीकत का जायजा लिया। इस दौरान ग्रामीणों ने सड़क, बुनियादी सुविधाओं और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी को लेकर खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की। गांव की गलियों और संपर्क मार्गों का निरीक्षण करते हुए राहुल दरम्वाल ने स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने बताया कि आज भी गांव का एक बड़ा हिस्सा सड़क सुविधा से वंचित है और क्षेत्र विकास के मामले में लगभग दो दशक पीछे चल रहा है। उनका कहना था कि कई बार विधायक आवास और लोक निर्माण विभाग के चक्कर लगाने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिले, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हुआ।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि गांव पहुंचते हैं, लेकिन उसके बाद क्षेत्र की समस्याओं की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। सड़क निर्माण और सुधार की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि विभाग बजट का हवाला देकर उनकी मांगों को टालता रहा है। राहुल सिंह दरम्वाल ने कहा कि क्षेत्र के विकास और जनसमस्याओं के समाधान के लिए ग्रामीणों को एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करनी होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि क्षेत्र की सड़क समस्याओं को संबंधित विभागों के समक्ष मजबूती से उठाया जाएगा। दरम्वाल ने बताया कि वे लगातार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों का दौरा कर सड़कों की स्थिति का आकलन कर रहे हैं तथा कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं के लिए विभागीय स्तर पर वार्ता भी कर चुके हैं। निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों और वरिष्ठ नागरिकों ने राहुल दरम्वाल की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि वे क्षेत्रीय समस्याओं को गंभीरता से उठाते हैं और उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास करते हैं। गांववासियों ने उम्मीद जताई कि उनके प्रयासों से टेढ़ा गांव की वर्षों पुरानी सड़क समस्या का भी जल्द समाधान निकल सकेगा।






