देहरादून। देहरादून पुलिस ने चोरी की लगातार बढ़ रही घटनाओं पर बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय शातिर चोर गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। एसएसपी देहरादून की रणनीति और पुलिस टीम की सक्रियता से सेलाकुई क्षेत्र में हुई पांच बड़ी चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए आरोपियों के कब्जे से करीब 40 लाख रुपये कीमत का चोरी का सामान और 3 लाख 90 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार सेलाकुई क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर बंद मकानों में हुई चोरी की घटनाओं को लेकर थाना सेलाकुई में पांच मुकदमे दर्ज किए गए थे। लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी देहरादून ने आरोपियों की गिरफ्तारी और घटनाओं के खुलासे के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित की थीं। पुलिस टीमों ने घटनास्थलों और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की और मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए संदिग्धों की तलाश शुरू की।
इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले आरोपी दोबारा किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में सेलाकुई क्षेत्र में आने वाले हैं।सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चेकिंग के दौरान ग्लैमर मोटरसाइकिल संख्या यूके-07-एए-2277 पर सवार दो संदिग्धों को रोका। पूछताछ में आरोपियों की पहचान विकास पुत्र नाथी राम निवासी सहारनपुर और सुमित कुमार पुत्र स्वर्गीय धर्म सिंह निवासी बेहट, सहारनपुर के रूप में हुई। तलाशी लेने पर उनके पास से चोरी की घटनाओं में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद हुए। कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों आरोपियों ने सेलाकुई क्षेत्र में पांच बंद मकानों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर शंकरपुर, सहसपुर स्थित किराये के कमरे से चोरी किया गया करीब 40 लाख रुपये का सामान और 3 लाख 90 हजार रुपये नकद बरामद किए।

इसके साथ ही चोरी के सामान की बिक्री से कमाए गए 2 लाख 50 हजार रुपये आरोपी विकास के बैंक खाते में जमा मिले, जिसे पुलिस ने फ्रिज करा दिया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे दिन में मजदूरी के बहाने बंद मकानों की रेकी करते थे और गर्मी की छुट्टियों में बाहर गए परिवारों के घरों को निशाना बनाकर रात के समय चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। चोरी किया गया सामान वे किराये के कमरे में छिपाकर रखते थे और धीरे-धीरे बेचकर खर्च चलाते थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी पहले भी आपराधिक मामलों में जेल जा चुके हैं। मामले में गिरोह के एक अन्य सदस्य की संलिप्तता भी सामने आई है, जिसकी तलाश जारी है।
घटना के सफल खुलासे पर एसएसपी देहरादून ने पुलिस टीम का उत्साहवर्धन करते हुए टीम को 2500 रुपये के नगद पुरस्कार से सम्मानित किया है।






