हरिद्वार। भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस ने मंगलवार को हरिद्वार में लगातार दो बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी योजनाओं से जुड़ी फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर रिश्वत मांगने वाले दो अधिकारियों को कुल ₹45 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। एक कार्रवाई में कृषि यंत्र की सब्सिडी की फाइल के लिए ₹10 हजार और दूसरी कार्रवाई में फूलों की खेती के सरकारी अनुदान की फाइल आगे बढ़ाने के लिए ₹35 हजार की रिश्वत मांगी गई थी। पहली कार्रवाई में शिकायतकर्ता के भाई को कृषि यंत्र खरीदने के लिए मिलने वाली सरकारी सब्सिडी की फाइल आगे बढ़ाने के एवज में हरिओम यादव पुत्र स्व. लाल सिंह, निवासी प्रतापनगर, नजीबाबाद रोड, कोटद्वार, पौड़ी गढ़वाल, हाल सहायक कृषि अधिकारी, विकासखंड खानपुर, हरिद्वार द्वारा शिकायतकर्ता से ₹10 हजार उत्कोच की मांग की गई थी। शिकायत के बाद विजिलेंस की ट्रैप टीम ने जाल बिछाया और 18 अगस्त को आरोपी सहायक कृषि अधिकारी को रिश्वत की रकम लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
इसी दिन दूसरी कार्रवाई में युवा मंगल कल्याण दल के माध्यम से फूलों की खेती के लिए मिलने वाली सरकारी अनुदान राशि की फाइल आगे बढ़ाने के एवज में कुलदीप कुमार पुत्र रमेश चंद्र, निवासी आदर्श कॉलोनी लक्सर, हाल क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी, नारसन ब्लॉक, हरिद्वार द्वारा शिकायतकर्ता से ₹35 हजार रिश्वत मांगी गई थी। सतर्कता अधिष्ठान की ट्रैप टीम ने कार्रवाई करते हुए कुलदीप कुमार को भी ₹35 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। एक ही दिन में दो ट्रैप कार्रवाई से सरकारी महकमों में हड़कंप मच गया है। दोनों मामलों में विजिलेंस द्वारा आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। लगातार हुई इन कार्रवाइयों ने सरकारी योजनाओं और अनुदान से जुड़ी फाइलों के निस्तारण में रिश्वतखोरी पर सतर्कता विभाग की सख्ती को भी उजागर किया है।











