हल्द्वानी। कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने देशभर में सामने आ रहे पेपर लीक मामलों और दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के बजाय छात्रों की आवाज़ दबाने में लगी है और लोकतांत्रिक विरोध का जवाब लाठियों से दिया जा रहा है। हल्द्वानी में मीडिया से बातचीत करते हुए विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि ताज़ा उदाहरण टेक्निकल यूनिवर्सिटी के पेपर लीक का है और आए दिन विभिन्न परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में शिक्षा प्रणाली पर व्यापक और खुली चर्चा की आवश्यकता है, लेकिन सरकार इस मुद्दे पर संसद में भी चर्चा से बच रही है। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि अपने भविष्य और शिक्षा व्यवस्था को लेकर आवाज़ उठाने वाले युवाओं के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह बेहद निंदनीय है।
उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन को बल प्रयोग से दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। सुमित हृदयेश ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार का भी उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष के साथ जिस प्रकार धक्का-मुक्की और बल प्रयोग किया गया, वह लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर छात्रों और युवाओं का आक्रोश साफ दिखाई दे रहा है। देशभर से हजारों छात्र आंदोलन में शामिल हो रहे हैं और समाज के विभिन्न वर्ग भी उनका समर्थन कर रहे हैं। उनके अनुसार सरकार की नीतियों के खिलाफ अब जनआक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस और राहुल गांधी लगातार छात्रों और युवाओं के मुद्दों को मजबूती से उठा रहे हैं तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार और युवाओं को न्याय दिलाने की लड़ाई आगे भी जारी रखेंगे।







