- सफाई के साथ हुआ वृक्षारोपण, सार्वजनिक संपत्तियों की उपेक्षा पर जताई चिंता, जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करने पर जोर
नैनीताल। नैनीताल के सुखाताल झील क्षेत्र को स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के संयुक्त तत्वावधान में विशाल स्वच्छता अभियान एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान में विभिन्न विद्यालयों के करीब 350 छात्रों, नगर पालिका, झील विकास प्राधिकरण, वन विभाग, पीएलवी और अन्य संस्थाओं ने श्रमदान कर झील परिसर से प्लास्टिक, कांच की बोतलें, खाद्य सामग्री के रैपर तथा अन्य कचरा एकत्र कर स्वच्छता का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव प्रदीप मणि त्रिपाठी ने कहा कि सुखाताल झील और उसके आसपास का क्षेत्र लंबे समय से पर्यावरणीय क्षरण और रखरखाव की कमी का सामना कर रहा है। इस संबंध में 30 जून 2026 को नगर पालिका और जिला प्रशासन को पत्र भेजकर नियमित सफाई, निगरानी और आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे।
उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान झील परिसर में फैली गंदगी, प्लास्टिक कचरा और सार्वजनिक सुविधाओं का दुरुपयोग गंभीर चिंता का विषय पाया गया। वॉकिंग ट्रैक, प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं पर सार्वजनिक धन खर्च होने के बावजूद उनका उचित रखरखाव नहीं होना प्रशासनिक जवाबदेही पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जहां भी लापरवाही या कर्तव्यहीनता सामने आएगी, वहां संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर विधिसम्मत कार्रवाई की जानी चाहिए। स्वच्छता अभियान के समापन पर प्रतिभागियों ने वृक्षारोपण भी किया और “ना गंदगी करेंगे, ना किसी को करने देंगे” का संकल्प लिया। कार्यक्रम में विशेष कार्याधिकारी हर्ष यादव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव पारुल थपलियाल, नगर पालिका अध्यक्ष सरस्वती खेतवाल, नगर पालिका के अधिशासी अभियंता रोहिताश सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, विद्यालयों के छात्र-छात्राएं और स्वयंसेवक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, जनभागीदारी और स्वच्छ नैनीताल के संदेश को मजबूती से आगे बढ़ाया गया।






