हल्द्वानी। रामलीला मैदान में कांग्रेस की विजय शंखनाद रैली के दौरान धार्मिक नारों से जुड़े कथित वायरल वीडियो को लेकर सियासत गरमा गई है। भाजपा की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर विधायक सुमित हृदयेश ने पलटवार करते हुए वीडियो को फेक और एआई से तैयार किया गया बताया। उन्होंने कहा कि वीडियो में छेड़छाड़ कर धार्मिक नारे दिखाए जा रहे हैं, जबकि मौके पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से ‘कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद’ के नारे लगाए जा रहे थे। सुमित हृदयेश ने कहा कि रैली के दौरान उनके द्वारा धार्मिक नारा लगाया गया था, लेकिन वह किसी समुदाय विशेष के खिलाफ नहीं था। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के स्वागत के दौरान उत्तराखंड की धार्मिक आस्था से जुड़े गोल्ज्यू देवता, और बाबा नीम करौली महाराज का उल्लेख करते हुए कहा कि पूरे कार्यक्रम में उनके द्वारा लगाए गए यही धार्मिक उद्घोष थे। उन्होंने भाजपा नेताओं पर वायरल वीडियो के जरिए माहौल खराब करने का आरोप लगाया। विधायक ने कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा इस मुद्दे पर पुतला फूंकना महज राजनीतिक प्रतिक्रिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सफल रैली से भाजपा में बौखलाहट और घबराहट है, इसलिए एआई वीडियो का सहारा लेकर नफरत का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने भाजपा नेताओं से कहा कि यदि कोई वास्तविक और गंभीर मुद्दा है तो तथ्यों के साथ सामने आएं, झूठे वीडियो के सहारे राजनीति न करें। सुमित हृदयेश ने अपनी दिवंगत मां एवं पूर्व मंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश को लेकर भाजपा नेताओं की टिप्पणियों पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इंदिरा हृदयेश ने हल्द्वानी के कोने-कोने में विकास कार्य कराए और आज भी लोगों के दिलों में उनकी स्मृति कायम है। उन्होंने भाजपा नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि व्यक्तिगत टिप्पणियों से बचना चाहिए और राजनीतिक विरोध को विकास एवं मुद्दों तक सीमित रखना चाहिए। विधायक ने भाजपा पर धार्मिक भावनाओं के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए कहा कि सनातन परंपरा ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और सर्वधर्म समभाव की बात करती है। उन्होंने भाजपा नेताओं से आत्ममंथन करने और वास्तविक मुद्दों पर राजनीति करने की अपील की। साथ ही कहा कि जनता अब झूठ और नफरत की राजनीति को समझ चुकी है और एआई के जरिए बनाए गए कथित वीडियो से जनता को गुमराह नहीं किया जा सकता।







