हल्द्वानी। जनपद नैनीताल में लिंग चयन जैसी अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। इसी क्रम में सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरीश पंत के निर्देश पर पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत जिला निरीक्षण एवं मूल्यांकन समिति ने हल्द्वानी के कई प्रमुख अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों पर औचक निरीक्षण अभियान चलाया। इस कार्रवाई से स्वास्थ्य संस्थानों में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान रामपुर रोड स्थित शंकर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, स्मार्ट डायग्नोस्टिक सेंटर, हीरानगर के जेपी अल्ट्रासाउंड केंद्र, स्टार डायग्नोस्टिक सेंटर और चंदन डायग्नोस्टिक सेंटर की गहन जांच की गई।
टीम ने सभी केंद्रों में दस्तावेजों और व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया, जहां अधिकांश स्थानों पर रिकॉर्ड मानकों के अनुरूप पाए गए। हालांकि चंदन डायग्नोस्टिक सेंटर और स्मार्ट डायग्नोस्टिक सेंटर को अल्ट्रासाउंड कक्ष में महिलाओं की गोपनीयता व्यवस्था को और मजबूत करने के सख्त निर्देश दिए गए। निरीक्षण टीम ने स्पष्ट किया कि पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत सभी दस्तावेजों का सही रखरखाव, सीसीटीवी कैमरों की कार्यशील स्थिति और निर्धारित नियमों का पालन अनिवार्य है। किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित केंद्रों का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई को जनपद में लिंगानुपात सुधार और अवैध प्रथाओं पर अंकुश लगाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। निरीक्षण दल में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्वेता भंडारी, महिला चिकित्सालय की डॉ. रजनी आगरी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।







