हल्द्वानी। समाजवादी पार्टी के उत्तराखण्ड प्रभारी अब्दुल मतीन सिद्दीकी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ पुलिस द्वारा की गई कथित कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि छात्रों के लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन पर बल प्रयोग बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। जारी बयान में हाजी अब्दुल मतीन सिद्दीकी ने कहा कि नीट पेपर लीक प्रकरण के कारण लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है, जबकि कई परिवार गहरे मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। उनका आरोप है कि लंबे समय से विभिन्न संगठनों और छात्र समूहों द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई जा रही थी, लेकिन सरकार ने इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इसी कारण छात्रों को धरना-प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ा।
उन्होंने आरोप लगाया कि संसद की ओर मार्च कर रहे छात्रों के साथ पुलिस और अर्धसैनिक बलों द्वारा किया गया कथित बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उनका कहना था कि सरकार को छात्रों की मांगों पर संवाद करना चाहिए था, न कि बल प्रयोग का सहारा लेना चाहिए। सपा नेता ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और पार्टी के सांसद व वरिष्ठ नेता छात्रों के साथ मजबूती से खड़े हैं तथा सड़क से लेकर संसद तक उनकी आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी देशभर में छात्रों को न्याय दिलाने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी।






