- राजीव गांधी पंचायती राज संगठन की प्रेस वार्ता में विजय पांडेय का ऐलान
- बोले—सरकार बनी तो पंचायतों की प्रमुख समस्याओं का किया जाएगा समाधान
हल्द्वानी। आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर कांग्रेस ने पंचायत स्तर की समस्याओं को अपने एजेंडे में शामिल करने की तैयारी शुरू कर दी है। शनिवार को स्वराज आश्रम, हल्द्वानी में राजीव गांधी पंचायती राज संगठन की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में संगठन के राष्ट्रीय संयोजक एवं पर्यवेक्षक विजय पांडेय तथा पर्यवेक्षक सौरव त्यागी ने कहा कि पंचायतों की प्रमुख समस्याओं और मांगों को कांग्रेस के घोषणा पत्र में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर इन समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। प्रेस वार्ता में पंचायतों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि गांवों के विकास और स्थानीय स्तर पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पंचायतों को पर्याप्त अधिकार और संसाधन मिलना जरूरी है। पंचायतों की समस्याओं को केवल स्थानीय स्तर तक सीमित रखने के बजाय उन्हें कांग्रेस के व्यापक राजनीतिक एजेंडे में शामिल किया जाएगा।
राजीव गांधी पंचायती राज संगठन की महानगर अध्यक्ष राधा आर्या ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा गरीब और जरूरतमंद वर्गों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाएं लागू की हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान लागू की गई योजनाओं का लाभ आम जनमानस तक पहुंचा है और पार्टी आगे भी समाज के कमजोर वर्गों के हितों को प्राथमिकता देती रहेगी। उन्होंने कहा कि पंचायतें ग्रामीण विकास की बुनियादी इकाई हैं और इनके मजबूत होने से ही गांवों में विकास की रफ्तार बढ़ सकती है। पंचायत प्रतिनिधियों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने और उनके अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में संगठन लगातार काम कर रहा है। प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने पंचायतों को अधिक अधिकार, बेहतर संसाधन और विकास कार्यों के लिए प्रभावी व्यवस्था उपलब्ध कराने पर जोर दिया। नेताओं ने कहा कि पंचायत स्तर की वास्तविक समस्याओं को चिन्हित कर उन्हें कांग्रेस के आगामी घोषणा पत्र में स्थान दिया जाएगा, ताकि सरकार बनने की स्थिति में इनके समाधान के लिए स्पष्ट नीति बनाई जा सके।




