रुद्रपुर। कन्या भ्रूण हत्या जैसी गंभीर सामाजिक बुराई पर अंकुश लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने रुद्रपुर में बड़ी कार्रवाई करते हुए अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर सघन निरीक्षण अभियान चलाया। एसीएमओ डॉ. एस.पी. सिंह के नेतृत्व में गठित पीसीपीएनडीटी टीम ने शहर के 8 प्रमुख अल्ट्रासाउंड और डायग्नोस्टिक सेंटरों पर औचक छापेमारी कर व्यवस्थाओं की गहन जांच की। इस कार्रवाई से स्वास्थ्य संस्थानों में हड़कंप मच गया और प्रशासन ने साफ संकेत दिया कि अवैध लिंग चयन के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. के. के. अग्रवाल के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान में प्रशासनिक और चिकित्सा विशेषज्ञों की संयुक्त टीम ने केंद्रों के अभिलेखों, लॉग बुक और डिजिटल रिकॉर्ड का बारीकी से मिलान किया।
निरीक्षण के दौरान फॉर्म-एफ की अनिवार्य प्रविष्टियों, एक्ट से संबंधित चेतावनी बोर्डों की उपलब्धता और अन्य तकनीकी मानकों की भी गहन पड़ताल की गई। टीम ने रिदम इकोकार्डियो सेंटर, सिद्धि विनायक हॉस्पिटल, जीवनदीप हॉस्पिटल, सुरभि हॉस्पिटल, सुरभि आईवीएफ सेंटर, वाहेगुरु अल्ट्रासाउंड और रुद्र अल्ट्रासाउंड सहित अन्य केंद्रों का निरीक्षण कर संचालकों को सख्त दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान टीम का नेतृत्व प्रभारी नायब तहसीलदार राधेश्याम राणा ने किया, जबकि स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नम्रता त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसी भी केंद्र पर भ्रूण के लिंग निर्धारण जैसी अवैध गतिविधि पाई जाती है तो संबंधित संस्थान का पंजीकरण तत्काल निरस्त कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह के औचक निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेंगे, ताकि पीसीपीएनडीटी एक्ट का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके और जनपद में गिरते लिंगानुपात को सुधारने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।






