देहरादून। हिमालयी राज्यों में आपदा प्रबंधन की चुनौतियों को करीब से समझने के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी के 78वें आरआर बैच के आईपीएस प्रशिक्षु अधिकारियों ने देहरादून स्थित एसडीआरएफ बटालियन में व्यावहारिक प्रशिक्षण लिया। 86 परिवीक्षाधीन अधिकारियों का यह दल जॉली ग्रांट पहुंचा, जहां उन्हें आपदा प्रबंधन के वास्तविक परिदृश्यों से रूबरू कराया गया। इस शैक्षणिक दौरे का उद्देश्य कक्षा में मिले सैद्धांतिक ज्ञान को जमीनी अनुभव से जोड़ना रहा, ताकि भविष्य के पुलिस अधिकारी आपदा की परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी निर्णय लेने में सक्षम हो सकें। प्रशिक्षण के दौरान एसडीआरएफ के कमांडेंट अर्पण यदुवंशी ने अधिकारियों को राज्य की आपदा प्रतिक्रिया प्रणाली, विभिन्न एजेंसियों के समन्वय और ऑपरेशनल रणनीतियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड जैसे संवेदनशील प्रदेश में आपदा से निपटने के लिए तेज सूचना आदान-प्रदान और संसाधनों की समय पर तैनाती बेहद अहम होती है।
प्रशिक्षण सत्रों में सिल्क्यारा सुरंग, धराली और रेनी जैसे जटिल बचाव अभियानों के केस स्टडी के माध्यम से अधिकारियों को कठिन परिस्थितियों में काम करने की चुनौतियों से अवगत कराया गया। दुर्गम भौगोलिक स्थितियों, खराब मौसम और संचार बाधाओं के बीच किस तरह टीमवर्क और रणनीति के दम पर जीवन बचाए जाते हैं, इसका व्यावहारिक अनुभव भी साझा किया गया। एसडीआरएफ टीम ने अत्याधुनिक बचाव उपकरणों का प्रदर्शन कर प्रशिक्षुओं को आधुनिक तकनीक के उपयोग की जानकारी दी, जिससे उन्हें आपदा की वास्तविक परिस्थितियों में उपकरणों की उपयोगिता समझने का अवसर मिला। दौरे के अंत में प्रशिक्षु अधिकारियों ने एसडीआरएफ कर्मियों की पेशेवर दक्षता और अनुशासन की सराहना करते हुए इसे अपने प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक अनुभव बताया।





