हल्द्वानी। वर्षों से कूड़े के पहाड़ की पहचान बन चुके हल्द्वानी के ट्रेंचिंग ग्राउंड की तस्वीर अब बदलने जा रही है। कुमाऊं के सबसे बड़े नगर निगम ने पुराने और नए कूड़े के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए बड़ी कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया है। नगर निगम द्वारा दो अलग-अलग टेंडर जारी किए गए हैं, जिनके माध्यम से ट्रेंचिंग ग्राउंड में जमा लाखों मीट्रिक टन कूड़े को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। इस पहल के बाद शहर को लंबे समय से चली आ रही कूड़ा निस्तारण की गंभीर समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। नगर आयुक्त परितोष वर्मा ने बताया कि वर्तमान में प्रतिदिन आने वाले करीब 220 मीट्रिक टन कूड़े का अलग से निस्तारण किया जा रहा है। साथ ही गीले कचरे से कंपोस्ट खाद तैयार करने की प्रक्रिया भी लगातार संचालित की जा रही है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 से पहले ट्रेंचिंग ग्राउंड में जमा हुए विशाल मात्रा के कूड़े के निस्तारण के लिए विस्तृत योजना तैयार की गई है, जिसके तहत टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और जल्द ही कार्य तेज गति से शुरू होगा। हल्द्वानी नगर निगम का ट्रेंचिंग ग्राउंड केवल शहर ही नहीं, बल्कि जिले की अन्य निकायों से आने वाले कचरे का भी प्रमुख केंद्र है। वर्षों से लगातार बढ़ते कचरे ने यहां पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां खड़ी कर दी थीं। नगर निगम का दावा है कि नई कार्ययोजना के लागू होने के बाद ट्रेंचिंग ग्राउंड में जमा कूड़े का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ शहर की स्वच्छता व्यवस्था भी मजबूत होगी। नगर आयुक्त ने विश्वास जताया कि आगामी समय में हल्द्वानी को कूड़े की समस्या से स्थायी समाधान मिलेगा और शहर स्वच्छ एवं बेहतर शहरी प्रबंधन का उदाहरण बनकर उभरेगा।






