देहरादून। उत्तराखंड में भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट के बाद टिहरी गढ़वाल, चम्पावत और बागेश्वर जिलों में 29 जुलाई (बुधवार) को कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त, निजी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिवसीय अवकाश घोषित कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत कार्रवाई की जाएगी। टिहरी गढ़वाल में जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने मौसम विभाग की भारी से बहुत भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज वर्षा की चेतावनी के मद्देनजर अवकाश घोषित करते हुए अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि किसी भी विद्यालय द्वारा निर्देशों की अवहेलना किए जाने पर संबंधित प्रधानाचार्य एवं प्रबंधक की जवाबदेही तय की जाएगी।
चम्पावत में अपर जिलाधिकारी एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भी जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया है। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए शिक्षण कार्य ऑनलाइन माध्यम से संचालित किया जाएगा। मुख्य शिक्षा अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी को आदेश के शत-प्रतिशत अनुपालन के निर्देश दिए गए हैं। बागेश्वर में भी जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने ऑरेंज अलर्ट के मद्देनजर कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, अशासकीय और निजी विद्यालयों के साथ-साथ सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश में लगातार सक्रिय मानसून और भारी बारिश की चेतावनी के बीच जिला प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।






