देहरादून। उत्तराखंड में नशे के खिलाफ चल रहे ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ अभियान के तहत एसटीएफ/एएनटीएफ ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। एसटीएफ, औषधि निरीक्षक और सहसपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने देहरादून के धर्मावाला स्थित एक मेडिकल स्टोर पर छापेमारी कर ट्रामाडोल युक्त 112 नशीले कैप्सूल बरामद किए हैं। मामले में मेडिकल स्टोर संचालक को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने नशे के आदी लोगों को अवैध रूप से कैप्सूल बेचकर मुनाफा कमाने की बात स्वीकार की है, जबकि पुलिस अब पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच में जुट गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ के निर्देशन में 28 जुलाई की देर रात एसटीएफ/एएनटीएफ, औषधि निरीक्षक और थाना सहसपुर पुलिस ने सहसपुर एवं विकासनगर क्षेत्र में मेडिकल स्टोरों का संयुक्त निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान धर्मावाला चौक स्थित सांई मेडिकल स्टोर की जांच में दुकान के गल्ले के नीचे रखे प्लास्टिक कंटेनर से SPASMED (Dicyclomine HCL, Tramadol HCL एवं Acetaminophen) के 14 पत्ते, जिनमें कुल 112 कैप्सूल थे, बरामद किए गए।
पुलिस के अनुसार मेडिकल स्टोर संचालक जोनी सैनी (37 वर्ष) से ट्रामाडोल युक्त कैप्सूलों के खरीद-बिक्री संबंधी वैध अभिलेख मांगे गए, लेकिन वह कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह इन नशीले कैप्सूलों को नशा करने वाले लोगों को फुटकर में बेचकर अवैध लाभ कमाता था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर थाना सहसपुर में धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। एसटीएफ ने बताया कि पूछताछ में नशीले कैप्सूलों की आपूर्ति करने वाले व्यक्ति और पूरे सप्लाई नेटवर्क से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर आगे की जांच और कार्रवाई जारी है। एसएसपी एसटीएफ ने आमजन से अपील की है कि नशे से दूर रहें और यदि कहीं भी मादक पदार्थों की तस्करी या अवैध बिक्री की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस अथवा एसटीएफ/एएनटीएफ को सूचित करें। उन्होंने कहा कि ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ अभियान के तहत नशा तस्करों और अवैध ड्रग नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।






