देहरादून। राजधानी देहरादून के नेहरू कॉलोनी क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब आईसीयू में एसी ब्लास्ट के बाद भीषण आग लग गई। धुएं और गैस से भरे आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच फंसे मरीजों के लिए दून पुलिस देवदूत बनकर सामने आई। जान की परवाह किए बिना पुलिसकर्मियों ने आग और दमघोंटू हालात के बीच घुसकर मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान कई मरीजों और पुलिसकर्मियों की हालत बिगड़ गई, जबकि पहले से वेंटिलेटर पर भर्ती एक बुजुर्ग महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस के अनुसार 20 मई को कंट्रोल रूम के माध्यम से थाना नेहरू कॉलोनी को रिस्पना पुल के पास स्थित पेनिसिया अस्पताल में आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची, जहां पता चला कि अस्पताल के आईसीयू में लगे एयर कंडीशनर में ब्लास्ट होने से आगजनी हुई है। आग के साथ आईसीयू में गैस रिसाव और घना धुआं फैल गया, जिससे अंदर भर्ती मरीजों की जान खतरे में पड़ गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया। धुएं और ऑक्सीजन की कमी के बावजूद पुलिसकर्मी आईसीयू में दाखिल हुए और भर्ती मरीजों को एक-एक कर बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया।
बचाव अभियान के दौरान गैस और धुएं के कारण कुछ मरीजों की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें तत्काल नजदीकी कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया। राहत और बचाव कार्य में जुटे तीन पुलिसकर्मियों की भी ऑक्सीजन की कमी के चलते हालत खराब हो गई और उन्हें भी उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। घटना के दौरान आईसीयू में पहले से वेंटिलेटर सपोर्ट पर भर्ती 60 वर्षीय वीरवती की उपचार के दौरान मौत हो गई। हादसे में कुल 10 लोग घायल हुए हैं, जिनमें अस्पताल में भर्ती मरीज शामिल हैं। सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून और एसपी सिटी मौके पर पहुंचे तथा घटनास्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। बाद में एसएसपी ने कैलाश अस्पताल पहुंचकर घायल पुलिसकर्मियों और मरीजों का हालचाल जाना तथा चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि राहत एवं बचाव अभियान में थाना नेहरू कॉलोनी की टीम, यातायात पुलिस और चौकी प्रभारियों सहित कई पुलिसकर्मियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण आईसीयू में लगे एसी का ब्लास्ट बताया जा रहा है, जबकि पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।







