देहरादून। उत्तराखंड में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कमी को लेकर फैल रही आशंकाओं के बीच तेल विपणन कंपनियों ने स्थिति पूरी तरह सामान्य होने का दावा किया है। केंद्र सरकार के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में ईंधन वितरण निर्बाध रूप से जारी है और किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और अनावश्यक ईंधन संग्रहण से बचने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया है कि प्रदेश में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा आपूर्ति श्रृंखला सुचारू रूप से संचालित हो रही है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल ने मंगलवार को जानकारी दी कि वैश्विक स्तर पर तेल और गैस क्षेत्र को प्रभावित कर रही अनिश्चितताओं के बावजूद उत्तराखंड में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखी गई है। आईओसीएल उत्तराखंड के राज्य स्तरीय समन्वयक कृष्ण कुमार गुप्ता ने कहा कि तेल उद्योग अपने व्यापक आपूर्ति नेटवर्क के माध्यम से ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
टर्मिनल, डिपो, एलपीजी बॉटलिंग प्लांट और रिटेल आउटलेट्स के जरिए आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है तथा सभी पेट्रोल पंपों पर निर्धारित सुरक्षा और परिचालन मानकों के अनुरूप बिना किसी प्रतिबंध के ईंधन वितरण किया जा रहा है।अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में पूरी आपूर्ति श्रृंखला में पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और उपभोक्ताओं की वास्तविक मांग को पूरा करने के लिए लगातार पुनःपूर्ति की जा रही है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति भी सामान्य बनी हुई है और राज्यभर में वितरण व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो रही है। आईओसीएल उत्तराखंड ने आम जनता से अपील की है कि वे ईंधन की अनावश्यक खरीद अथवा संग्रहण यानी पैनिक बाइंग से बचें और ईंधन उपलब्धता से संबंधित जानकारी के लिए केवल तेल विपणन कंपनियों के आधिकारिक संचार माध्यमों पर ही भरोसा करें। अधिकारियों ने कहा कि अफवाहों के कारण कृत्रिम दबाव की स्थिति बन सकती है, जबकि प्रदेश में फिलहाल ईंधन आपूर्ति को लेकर किसी प्रकार की समस्या नहीं है।







