हल्द्वानी। उत्तराखंड में महिलाओं और युवाओं को डिजिटल युग से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। हल्द्वानी के जिला उद्योग केंद्र सभागार में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मोटिवेशनल स्पीकर मनीष आर्य की पुस्तक ‘देवभूमि डिजिटल दीदी’ का लोकार्पण किया गया, वहीं ‘ज्ञान गुल्लक’ पोर्टल की घोषणा ने राज्य में कौशल आधारित नई संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं। कार्यक्रम में उत्तराखंड महिला उद्यमिता परिषद की अध्यक्ष रेनू अधिकारी ने पुस्तक का विमोचन करते हुए कहा कि यह पहल राज्य की मातृशक्ति को डिजिटल रूप से सशक्त बनाकर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक के माध्यम से महिलाएं घर बैठे सरकारी योजनाओं, डिजिटल सेवाओं और उद्यमिता के अवसरों का लाभ उठा सकेंगी। जिला उद्योग केंद्र हल्द्वानी की महाप्रबंधक पल्लवी गुप्ता ने पुस्तक को स्थानीय उद्यमियों के लिए मार्गदर्शिका बताते हुए कहा कि इसमें डिजिटल मार्केटिंग, स्वरोजगार और एमएसएमई योजनाओं को बेहद सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है, जिससे युवाओं और महिलाओं को सीधे लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान मनीष आर्य ने अपने महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ‘ज्ञान गुल्लक’ की विस्तृत जानकारी देते हुए इसे केवल एक डिजिटल पोर्टल नहीं, बल्कि कौशल और ज्ञान के आधार पर आय सृजन का मंच बताया। उन्होंने कहा कि इस प्लेटफॉर्म के जरिए छात्र और महिलाएं अपनी स्किल के आधार पर रिवॉर्ड हासिल कर सकेंगे और शिक्षा को सीधे रोजगार और आय से जोड़ने का अवसर मिलेगा। “सीखो, बढ़ो और अपने कौशल से अपनी आर्थिक गुल्लक भरो”—इस मूल मंत्र के साथ यह पहल युवाओं को नई दिशा देने का प्रयास है। कार्यक्रम में भविष्य की योजनाओं का भी खाका प्रस्तुत किया गया, जिसके तहत पूरे उत्तराखंड में प्रशिक्षण अभियान चलाकर हर गांव में ‘डिजिटल दीदी’ और ‘डिजिटल योद्धा’ तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इस दौरान स्थानीय उद्यमियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में छात्रों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और भी प्रभावशाली बना दिया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया और डिजिटल सशक्तिकरण के इस अभियान को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।





