- झील के चारों ओर नो-पार्किंग जोन लागू होगा, रूसी बाईपास बनेगा आधुनिक पार्किंग हब; हाईकोर्ट के निर्देशों पर मंडलायुक्त दीपक रावत ने की बैठक
नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल की यातायात व्यवस्था को बेहतर, सुरक्षित और पर्यटक अनुकूल बनाने के लिए प्रशासन ने कई बड़े फैसले लिए हैं। उच्च न्यायालय उत्तराखंड के निर्देशों के अनुपालन में मंडलायुक्त एवं मुख्यमंत्री सचिव दीपक रावत की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक में शहर की यातायात व्यवस्था को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। सबसे बड़ा निर्णय यह है कि 1 अगस्त 2026 से नैनीताल की प्रसिद्ध मॉल रोड पर वाहनों के हॉर्न बजाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। नियम का उल्लंघन करने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। आयुक्त सभागार में आयोजित बैठक में कुमाऊं आईजी निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी, परिवहन विभाग के अधिकारी, टैक्सी यूनियन प्रतिनिधि और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में मंडलायुक्त दीपक रावत ने कहा कि नैनीताल देश-विदेश के पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र है और मॉल रोड शहर की पहचान है। यहां आने वाले पर्यटक शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने आते हैं, ऐसे में अनावश्यक हॉर्न से होने वाला ध्वनि प्रदूषण पर्यटकों के अनुभव को प्रभावित करता है। इसी को देखते हुए मॉल रोड पर हॉर्न प्रतिबंध का निर्णय लिया गया है।
मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि इस फैसले का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी इसकी जानकारी समय से मिल सके। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा जल्द ही इसके लिए आवश्यक आदेश जारी किए जाएंगे। बैठक में नैनीताल झील के आसपास यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए तल्लीताल डांठ से हनुमानगढ़ी बैंड तक नो-पार्किंग जोन लागू करने का निर्णय भी लिया गया। पुलिस विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू कराया जाए और यातायात बाधित करने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जाए। इसके अलावा बिना फिटनेस वाले वाहनों के खिलाफ भी विशेष अभियान चलाने का फैसला किया गया है। परिवहन और पुलिस विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि बिना वैध फिटनेस के चल रहे सरकारी और निजी वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए और ऐसे वाहनों को सीज किया जाए।

बैठक में निजी वाहनों से अवैध रूप से टैक्सी संचालन पर भी सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए। परिवहन और पुलिस विभाग को संयुक्त अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालान और अन्य कानूनी कार्रवाई करने को कहा गया। नैनीताल आने वाले पर्यटकों और वाहन चालकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रूसी बाईपास को आधुनिक पार्किंग हब के रूप में विकसित करने की योजना पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी नैनीताल को निर्माण एजेंसी के चयन और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रस्तावित पार्किंग में शौचालय, पेयजल, बिजली, दुकानों और सीसीटीवी निगरानी जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मंडलायुक्त दीपक रावत ने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सभी विभागों की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्णयों को तय समय सीमा के भीतर लागू कर नैनीताल की यातायात व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और पर्यटकों के अनुकूल बनाया जाए। बैठक में आरटीओ गुरदेव सिंह, अरविंद पांडेय, अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और संबंधित संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।







