देहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर रौद्र रूप दिखा सकता है। मौसम विभाग की अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी के बाद राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) ने सात जिलों के जिलाधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन को ट्रेकिंग गतिविधियों पर रोक लगाने, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने को कहा गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान के आधार पर राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) ने देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और चंपावत जिलों में भारी से अत्यंत भारी वर्षा, आकाशीय बिजली गिरने तथा अति तीव्र से अत्यंत तीव्र वर्षा की संभावना को देखते हुए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। इसके अलावा राज्य के अन्य जिलों में भी भारी बारिश और तेज गर्जना की संभावना जताई गई है।

उप सचिव एवं ड्यूटी ऑफिसर हीरा सिंह बसेड़ा द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जनपदों में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को पूरी तरह सक्रिय रखें। पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रेकिंग गतिविधियों पर रोक लगाने, उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही प्रतिबंधित करने और संवेदनशील मार्गों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि किसी भी आपदा या दुर्घटना की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जाए और सूचनाओं का तत्काल आदान-प्रदान सुनिश्चित किया जाए। आपदा प्रबंधन की आईआरएस प्रणाली से जुड़े सभी अधिकारी और विभागीय नोडल अधिकारी हाई अलर्ट पर रहेंगे। राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, एडीबी, बीआरओ तथा अन्य एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि भूस्खलन या मलबा आने से बाधित होने वाले मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल खोलने की कार्रवाई करें।

एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि सभी राजस्व उपनिरीक्षक, ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में मौजूद रहें। पुलिस चौकियों और थानों को आपदा उपकरणों तथा वायरलेस संचार व्यवस्था के साथ पूरी तरह तैयार रखने को कहा गया है। साथ ही सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को मोबाइल फोन लगातार चालू रखने, आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के साथ फील्ड में रहने तथा जरूरत पड़ने पर फंसे लोगों के लिए खाद्य सामग्री और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने नगर निकायों को शहरी क्षेत्रों में नालियों और कलवर्टों की तत्काल सफाई कराने, विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा जिला सूचना अधिकारियों को मौसम संबंधी चेतावनियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें तथा केवल प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।







