देहरादून। उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 31 जुलाई को कई पर्वतीय जिलों में भारी बारिश और फ्लैश फ्लड की आशंका जताई है। चेतावनी के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) ने संबंधित जिलों के प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने और राहत-बचाव की सभी तैयारियां पूरी रखने के निर्देश जारी किए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 31 जुलाई को देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जनपदों के कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा के साथ जलभराव और फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) की आशंका व्यक्त की गई है। मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने संबंधित जिलों में प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) ने सभी जिलाधिकारियों को व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों में कहा गया है कि जिला स्तर पर राहत एवं बचाव दल पूरी तरह तैयार रहें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए तथा भूस्खलन या मलबा आने से सड़कें बाधित होने की स्थिति में उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तत्काल खोला जाए।प्रशासन को पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण निर्माण विभाग और बीआरओ सहित सभी संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में राहत कार्यों में देरी न हो। साथ ही विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक निर्णय लेने के लिए भी जिलाधिकारियों को अधिकृत किया गया है। आपदा प्रबंधन विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा करने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। आमजन से कहा गया है कि वे मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें तथा अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करें। आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में नागरिक तत्काल राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के टोल फ्री नंबर 1070, जिला आपदा नियंत्रण कक्ष 1077 अथवा आपातकालीन सेवा 112 पर संपर्क करें। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की भी अपील की है।






