हल्द्वानी। बनभूलपुरा के लाइन नंबर 16 में कुछ दिन पहले पिता-पुत्री की करंट लगने से हुई दर्दनाक मौत के बाद उसी विद्युत पोल में दोबारा करंट आने से हड़कंप मच गया। पोल में करंट की सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और प्रशासन, पुलिस तथा विद्युत विभाग को सूचना दी गई। विद्युत विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पोल की जांच की, जिसमें करंट मौजूद पाया गया। घटना ने एक बार फिर विद्युत सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लाइन नंबर 16 में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब स्थानीय लोगों को उसी पोल में दोबारा करंट आने की जानकारी मिली, जहां बीती 17 अगस्त को करंट की चपेट में आने से नदीम और उनकी 12 वर्षीय बेटी अलिशबा की मौत हो गई थी। सूचना के बाद विद्युत विभाग के जूनियर इंजीनियर मोहम्मद साकिब, लाइनमैन, अन्य अधिकारी और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जूनियर इंजीनियर मोहम्मद साकिब ने मौके पर बताया कि वर्तमान में विद्युत पोल में करंट पाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हादसे वाले दिन की गई जांच में पोल में करंट नहीं मिला था और उस समय बारिश भी थी। पोल के पास कई वायरिंग मौजूद है। बारिश के दौरान किसी तार के संपर्क में आने से करंट पोल में उतरने की संभावना हो सकती है, लेकिन वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
वहीं सामाजिक कार्यकर्ता उवैस राजा ने मौके पर विद्युत विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में पोल को चेक कराया। उनके अनुसार लाइन चालू कराकर जांच की गई तो पोल में करंट पाया गया। इसके बाद पोल के ऊपर लगे विद्युत बॉक्स की भी जांच की गई, जहां स्ट्रीट लाइट से जुड़ी एक वायर के संपर्क में आने की बात सामने आई। उक्त वायर को फिलहाल काटकर अलग कर दिया गया है। उवैस राजा ने कहा कि कुछ दिन पहले इसी स्थान पर पिता-पुत्री की मौत के बाद विद्युत विभाग के द्वारा पोल में करंट नहीं होने की बात कही गई थी, लेकिन अब दोबारा करंट मिलना गंभीर मामला है। उन्होंने पूरे प्रकरण की तकनीकी जांच कर यह पता लगाने की मांग की कि आखिर पोल में करंट किस वजह से आया और क्या पूर्व में हुए हादसे का कारण भी यही वायरिंग थी। गौरतलब है कि 17 अगस्त को इसी क्षेत्र में करंट की चपेट में आने से नदीम और उनकी 12 वर्षीय बेटी अलिशबा की मौत हो गई थी।हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए विद्युत पोलों की सुरक्षा जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की थी। अब उसी पोल में दोबारा करंट मिलने के बाद क्षेत्रवासियों में डर और आक्रोश दोनों बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने मामले की गहन तकनीकी जांच और स्थायी समाधान की मांग की है।










