- 6.93 लाख मतदाता प्रारूप सूची में दर्ज, 69,318 नोटिसों पर सुनवाई पूरी, 34,000 से अधिक दावे-आपत्तियां प्राप्त
हल्द्वानी। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) के तहत नैनीताल जिले में मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। सोमवार को हल्द्वानी तहसील सभागार में अपर जिलाधिकारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी विवेक राय की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। बैठक में नोटिस वितरण, दावे-आपत्तियों और उनके निस्तारण की प्रगति की समीक्षा की गई। जिले की प्रारूप निर्वाचक नामावली में 6,93,325 मतदाता पंजीकृत हैं। मतदाता सूची में संभावित विसंगतियों की जांच के लिए जारी 2,35,085 नोटिसों में से 2,30,222 नोटिस संबंधित मतदाताओं तक पहुंचाए जा चुके हैं, जबकि अब तक 69,318 नोटिसों पर सुनवाई पूरी की जा चुकी है। SIR के दौरान भारत निर्वाचन आयोग की तकनीकी प्रक्रिया से नैनीताल जिले में 1,88,054 प्रकरण Anomaly और 47,031 प्रकरण No Mapping श्रेणी में चिन्हित किए गए हैं। इन मामलों में संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा नोटिस जारी कर जांच और सुनवाई की कार्रवाई की जा रही है।
दावे-आपत्तियों के तहत अब तक फार्म-6 के 12,450, फार्म-7 के 11,599 और फार्म-8 के 7,190 आवेदन प्राप्त हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि कोई पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे और अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल न हो। बैठक में बताया गया कि SIR के तहत नोटिसों पर सुनवाई तथा दावे-आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया 14 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक चलेगी। इसके बाद 15 सितंबर 2026 को अंतिम निर्वाचक नामावली का प्रकाशन किया जाएगा। उप जिला निर्वाचन अधिकारी विवेक राय ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है या नाम, पता, आयु, फोटो सहित किसी विवरण में त्रुटि है तो निर्धारित अवधि में फार्म-6, फार्म-7 अथवा फार्म-8 के माध्यम से दावा या आपत्ति दर्ज कराएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी मामलों का निस्तारण पारदर्शी और भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाएगा। बैठक में एसडीएम हल्द्वानी मोनिका, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी हंसा दत्त पांडे, नगर मजिस्ट्रेट एपी बाजपेई समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।












