- राजमाता जिया कत्यूरी समाज और पहाड़ी आर्मी ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
हल्द्वानी। रानीबाग स्थित ऐतिहासिक एवं पौराणिक चित्रेश्वर महादेव मंदिर परिसर में कथित अवैध निर्माण को लेकर विवाद गहरा गया है। राजमाता जिया कत्यूरी समाज और पहाड़ी आर्मी के लोगो ने गुरुवार को हल्द्वानी स्थित कैंप कार्यालय में जिलाधिकारी नैनीताल को ज्ञापन सौंपकर चित्रेश्वर महादेव मंदिर परिसर में बने कथित अवैध शनि मंदिर को हटाने की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं की गई तो समस्त पहाड़ी समाज आंदोलन के लिए बाध्य होगा। ज्ञापन में कहा गया कि रानीबाग का चित्रेश्वर महादेव मंदिर पर्वतीय समाज का प्राचीन एवं पौराणिक आस्था केंद्र है। आरोप लगाया गया कि कुछ लोगों की मिलीभगत से मंदिर परिसर की भूमि पर शनि मंदिर का निर्माण कर धीरे-धीरे उसका विस्तार किया गया, जिससे प्राचीन चित्रेश्वर महादेव मंदिर का बड़ा हिस्सा प्रभावित हो गया है और मूल मंदिर अपनी पहचान खोता जा रहा है।
संगठन का कहना है कि पर्वतीय परंपरा और शास्त्रों के अनुसार प्राचीन शिव मंदिर परिसरों में इस प्रकार शनि मंदिर स्थापित करने की परंपरा नहीं है। ज्ञापन में बदरीनाथ, केदारनाथ, जागेश्वर, बैजनाथ, कटारमल, देवप्रयाग और गोपेश्वर सहित कई प्रमुख धामों का उल्लेख करते हुए दावा किया गया कि वहां इस प्रकार का निर्माण नहीं है। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि इस मामले की शिकायत जनवरी 2025 में उपजिलाधिकारी नैनीताल और राजस्व विभाग से की गई थी, जिसके बाद निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए गए थे। बाद में विकास प्राधिकरण ने भी कथित अवैध निर्माण का संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किया, लेकिन आरोप है कि आज तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इस बीच संबंधित पक्ष द्वारा निर्माण का और विस्तार कर टिनशेड भी लगा दिया गया। राजमाता जिया कत्यूरी समाज और पहाड़ी आर्मी ने प्रशासन से मंदिर परिसर को कथित अवैध निर्माण से मुक्त कर उसकी मूल धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान बहाल करने की मांग की है। संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि 15 दिनों के भीतर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।







