हल्द्वानी। हालिया अग्निकांडों और देश के विभिन्न हिस्सों में कोचिंग संस्थानों में हुई दुर्घटनाओं को देखते हुए हल्द्वानी में जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला प्रशासन, जिला विकास प्राधिकरण और दमकल विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के कोचिंग संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान फायर सुरक्षा मानकों में कमी मिलने पर तीन संस्थानों को सील कर दिया गया, जबकि एक संस्थान को कमियां सुधारने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है। सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेई ने बताया कि हाल में हुई घटनाओं को देखते हुए डीएम नैनीताल के आदेश के क्रम में यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी बेसमेंट में संचालित गतिविधियों के खिलाफ अभियान चलाया गया था। इस बार विशेष रूप से अग्नि सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान एक कोचिंग संस्थान के पास फायर विभाग की एनओसी मिली, लेकिन वहां भी कुछ कमियां पाई गईं, जिन्हें दूर करने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है। वहीं जिन संस्थानों ने फायर एनओसी नहीं ली है और सुरक्षा व्यवस्थाएं पूरी नहीं की हैं, उनके खिलाफ मौके पर ही कार्रवाई करते हुए सीलिंग की गई है।
जिला विकास प्राधिकरण के सचिव मनीष कुमार ने बताया कि लखनऊ और दिल्ली में कोचिंग संस्थानों में हुई घटनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी के निर्देश पर यह संयुक्त निरीक्षण अभियान चलाया गया है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य बच्चों की पढ़ाई को प्रभावित करना नहीं, बल्कि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना है, ताकि भविष्य में किसी भी दुर्घटना की स्थिति में बचाव संभव हो सके। उन्होंने बताया कि औचक निरीक्षण के दौरान तीन संस्थानों को सील किया गया है। इसके अलावा केवल कोचिंग संस्थान ही नहीं, बल्कि ऐसे सभी स्थानों की जांच की जाएगी जहां बड़ी संख्या में लोग या विद्यार्थी एक बंद परिसर में एकत्रित होते हैं। यदि जांच में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।





