नैनीताल। जिला प्रशासन ने सरकारी नियमों के उल्लंघन और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए साफ संदेश दिया है कि नियमों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने आवासीय पट्टे की भूमि पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित किए जाने के मामले में संबंधित पट्टा तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। मिली जानकारी के अनुसार नंदराम को आवासीय प्रयोजन के लिए भूमि आवंटित की गई थी, लेकिन बाद में उनके वारिस रोहित कुमार, दिनेश कुमार और संतोष कुमार द्वारा कैंची धाम क्षेत्र स्थित लगभग 0.008 हेक्टेयर भूमि पर रेस्टोरेंट संचालित किया जा रहा था। जांच में सामने आया कि भूमि का उपयोग पट्टे की शर्तों के विपरीत व्यावसायिक कार्यों में किया जा रहा है। प्रशासन ने इसे गंभीर उल्लंघन मानते हुए पट्टा निरस्त कर संबंधित भूमि को राज्य सरकार के पक्ष में निहित करने के आदेश जारी कर दिए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई को अवैध व्यावसायिक गतिविधियों पर बड़ी चेतावनी माना जा रहा है।
इसी बीच जिला प्रशासन ने जमीन विवाद में हुई फायरिंग की घटना पर भी सख्त कदम उठाए हैं। जानकारी के अनुसार वर्ष 2025 में चंपावत के भैरवा चौराहा क्षेत्र में पुश्तैनी जमीन विवाद को लेकर महेंद्र कुमार तड़ागी ने अपने लाइसेंसी हथियार से दिनेश तड़ागी पर फायरिंग कर दी थी, जिसमें वह घायल हो गए थे। दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से भूमि विवाद चला आ रहा था।
घटना को गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने महेंद्र कुमार तड़ागी के नाम जारी .38 बोर रिवॉल्वर और सिंगल बैरल बंदूक के दोनों शस्त्र लाइसेंस आयुध अधिनियम 1959 की धारा 17(3) के तहत निरस्त कर दिए हैं। लगातार हो रही इन प्रशासनिक कार्रवाइयों से साफ है कि जिला प्रशासन अब नियमों के उल्लंघन, अवैध गतिविधियों और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है।




