हल्द्वानी। कुमाऊँ आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने मंगलवार को हल्द्वानी तहसील का औचक निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने साफ कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार तहसील और सब-रजिस्ट्रार जैसे कार्यालय आम जनता से सीधे जुड़े हैं, इसलिए इनकी कार्यप्रणाली पारदर्शी और अनुशासित होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने तहसील परिसर की सफाई, शौचालय, पार्किंग और सुरक्षा इंतज़ामों की समीक्षा की। उन्होंने मुख्य गेट पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, शौचालयों की नियमित सफाई और पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के आदेश दिए। उन्होंने लंबित राजस्व प्रकरणों पर भी चिंता जताई। आँकड़ों के अनुसार, इस वर्ष अब तक 7000 मामलों में से 1044 अब भी लंबित हैं। आयुक्त ने निर्देश दिए कि तीन साल से पुराने सभी प्रकरणों को अगले तीन माह के भीतर निस्तारित किया जाए और सुनवाई में लंबी तिथियां न दी जाएँ।
निरीक्षण के दौरान एक गंभीर लापरवाही भी सामने आई। सुपरवाइजर कानूनगो द्वारा धारा 143 से संबंधित अभिलेख अपने घर पर रखे जाने की शिकायत पर आयुक्त स्वयं उनके घर पहुंचे और फाइलों की जांच की। उन्होंने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए और जिलाधिकारी को समस्त फाइलों की जांच कराने को कहा। तहसील में दाखिल-खारिज और नोटशीट संबंधी प्रक्रियाओं की भी समीक्षा की गई। कई मामलों में नोटशीट अधूरी पाई गईं, जिस पर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी आदेशों का विवरण सही ढंग से दर्ज हो और रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत की जाए। राजस्व वसूली के मामलों में आयुक्त ने संतोष जताया कि अब तक ₹3.45 करोड़ की वसूली हो चुकी है, जबकि ₹4.99 करोड़ की और वसूली शेष है। उन्होंने आदेश दिए कि वसूली की सूची सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाए, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी रहे।







