हल्द्वानी। नैनीताल जिले के नगरीय क्षेत्रों में अब फुटपाथों पर किए गए अवैध कब्जों, अतिक्रमण और अवैध पार्किंग के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है।जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जनहित में विशेष अभियान चलाने के निर्देश जारी करते हुए एक माह के भीतर जिलेभर के फुटपाथों का सर्वे कराने और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज करने को कहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान में कई क्षेत्रों में फुटपाथ स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण, दुकानों के अवैध विस्तार, ठेला-फड़, निर्माण सामग्री के भंडारण, विज्ञापन सामग्री और वाहनों की अवैध पार्किंग के कारण पैदल यात्रियों के लिए असुरक्षित हो गए हैं। इसका सबसे अधिक असर वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांगजनों पर पड़ रहा है, जिन्हें मजबूरी में मुख्य सड़क पर चलना पड़ता है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फुटपाथ आम नागरिकों के सुरक्षित आवागमन के लिए हैं और किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त, नगर मजिस्ट्रेट हल्द्वानी, सभी उपजिलाधिकारियों, नगर निकायों, लोक निर्माण विभाग और पुलिस विभाग को संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जारी आदेश के अनुसार एक माह के भीतर फुटपाथों का व्यापक सर्वेक्षण कर स्थायी अतिक्रमण, अस्थायी अतिक्रमण, व्यावसायिक विस्तार, अवैध पार्किंग, निर्माण सामग्री के भंडारण, क्षतिग्रस्त फुटपाथ और दिव्यांगजनों के लिए बने मार्गों में आ रही बाधाओं का पूरा विवरण तैयार किया जाएगा। इसके बाद अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और निर्धारित समय में अतिक्रमण नहीं हटाने पर बलपूर्वक हटाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

जिलाधिकारी ने विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत प्रत्येक सप्ताह संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इसमें नगर निकाय, पुलिस, परिवहन विभाग और संबंधित विभागों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। वहीं फुटपाथों पर गड्ढे, टूट-फूट और धंसाव की समस्या को देखते हुए लोक निर्माण विभाग और नगर निकायों को मरम्मत कार्य प्राथमिकता से पूरा करने को कहा गया है। दिव्यांगजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए फुटपाथों पर रैंप, टैक्टाइल पाथ और अन्य सुगम्यता सुविधाएं विकसित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही फुटपाथों को वाहन पार्किंग के रूप में इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने प्रत्येक नगर निकाय में नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश देते हुए कहा कि नागरिक शिकायतों का समाधान कर नियमित प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि आदेशों के अनुपालन में लापरवाही या उदासीनता मिलने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।






