देहरादून/नई दिल्ली। भारतीय निशानेबाजी को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले, पद्मश्री सम्मानित और देवभूमि उत्तराखंड के गौरव जसपाल राणा के आकस्मिक निधन से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके निधन को भारतीय खेल जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा दुःख व्यक्त किया है। खेल प्रेमियों, खिलाड़ियों और उनके प्रशंसकों के लिए यह खबर किसी बड़े सदमे से कम नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने शोक संदेश में कहा कि जसपाल राणा का निधन भारतीय खेल जगत के लिए गहरी क्षति है। उन्होंने देश को निशानेबाजी के क्षेत्र में अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां दिलाईं और अपने शानदार प्रदर्शन से भारत का नाम विश्व पटल पर रोशन किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक खिलाड़ी के रूप में उनकी उपलब्धियां जितनी प्रेरणादायक थीं, उतना ही महत्वपूर्ण उनका योगदान युवा खिलाड़ियों के मार्गदर्शक और प्रशिक्षक के रूप में भी रहा। उन्होंने कहा कि उत्कृष्टता, अनुशासन और खेलों के प्रति उनकी निष्ठा हमेशा याद रखी जाएगी।
वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के सपूत और पद्मश्री से सम्मानित जसपाल राणा ने अपनी प्रतिभा, समर्पण और संघर्ष के बल पर भारतीय निशानेबाजी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि राणा की उपलब्धियों ने न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया और उनकी प्रेरणा से असंख्य युवा खिलाड़ियों ने खेलों में अपना भविष्य संवारने का सपना देखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जसपाल राणा का व्यक्तित्व और कृतित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उनका निधन उत्तराखंड, भारतीय खेल जगत और देश के लिए ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई कर पाना संभव नहीं है। जसपाल राणा को भारत के सर्वश्रेष्ठ निशानेबाजों में गिना जाता था। उन्होंने अपने करियर में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक पदक जीतकर भारत को गौरवान्वित किया। खेल जीवन के बाद भी उन्होंने युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षित कर भारतीय निशानेबाजी को नई दिशा देने का कार्य किया। उनके मार्गदर्शन में कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सफलता हासिल की।







