- अवैध खनन और परिवहन पर कार्रवाई का असर, कोसी और दाबका नदी से 9.79 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व प्राप्त
रामनगर। तराई पश्चिमी वन प्रभाग रामनगर में खनन गतिविधियों की प्रभावी निगरानी और सख्त कार्रवाई का बड़ा असर सामने आया है। वन विभाग की सतत निगरानी के चलते खनन सत्र 2025-26 में राजस्व प्राप्ति में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। कोसी और दाबका नदी के खनन निकासी गेटों से इस वर्ष 9 करोड़ 79 लाख रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है, जो पिछले खनन सत्र की तुलना में काफी अधिक है। तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अंतर्गत कोसी नदी में संचालित पांच खनन निकासी गेटों और दाबका नदी के एक खनन निकासी गेट पर अक्टूबर 2025 से 19 जून 2026 तक उत्तराखंड वन विकास निगम द्वारा उपखनिज निकासी का कार्य किया गया। इस दौरान वन विभाग ने खनन क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखते हुए नियमों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित कराया।
वन विभाग की ओर से खनन क्षेत्रों में नियमित गश्त, आकस्मिक निरीक्षण, रात्रिकालीन चेकिंग, निकासी गेटों पर दस्तावेजों का सत्यापन और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की गई। विभाग ने यह सुनिश्चित किया कि केवल वैध प्रपत्रों और निर्धारित सीमा के अंतर्गत ही उपखनिज का परिवहन किया जाए। अवैध खनन, अवैध परिवहन और निर्धारित क्षेत्र से बाहर की जा रही गतिविधियों के खिलाफ भी वन विभाग ने लगातार अभियान चलाया। इस दौरान कई वाहनों को सीज किया गया और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई। विभाग की सख्ती के चलते राजस्व नुकसान को रोकने में सफलता मिली।आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 में कोसी और दाबका नदी से कुल 5,05,053.98 घनमीटर उपखनिज निकासी के बदले 4 करोड़ 54 लाख 54 हजार 858 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। वहीं वर्ष 2025-26 में उपखनिज निकासी बढ़कर 10,87,997.68 घनमीटर पहुंच गई और इससे कुल 9 करोड़ 79 लाख 19 हजार 791 रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ।







