हरिद्वार। देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले नकली नोट गिरोह के खिलाफ हरिद्वार पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह का भंडाफोड़ किया है।एसएसपी हरिद्वार के निर्देशन में कोतवाली श्यामपुर पुलिस ने जाली नोट तैयार करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 50 हजार रुपये के छपे नकली नोट, लैपटॉप, प्रिंटर और अन्य उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार दो दिन पहले श्यामपुर पुलिस ने 52,500 रुपये के नकली नोटों के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मामले की जांच और पूछताछ के दौरान मिले अहम सुरागों के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई आगे बढ़ाई और नकली नोट बनाने वाले नेटवर्क तक पहुंच गई। 29 जून को पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोग क्विड कार संख्या UK-08BG-6798 से नकली नोट छापने के उपकरण और जाली मुद्रा को ठिकाने लगाने के लिए बड़ापुर बिजनौर की ओर जा रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने लालढांग तिराहे के पास घेराबंदी कर वाहन को रोककर तलाशी ली, जिसमें तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से नकली नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाला लैपटॉप, एचपी और कैनन कंपनी के प्रिंटर, मोबाइल फोन और 500 रुपये के असली नोट बरामद किए।
इसके अलावा 25 पेपर शीट बरामद हुईं, जिन पर करीब 50 हजार रुपये के नकली नोट छपे हुए थे और जिनकी कटिंग बाकी थी। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ऑनलाइन नकली नोट छापने वाला पेपर मंगाते थे और असली नोट की फोटो लेकर सॉफ्टवेयर व एप की मदद से उसकी गुणवत्ता बढ़ाकर नकली नोट तैयार करते थे। आरोपियों ने पहले भी बिजनौर क्षेत्र में करीब एक लाख रुपये के नकली नोट छापने और बाजार में चलाने की बात कबूल की है। पुलिस ने बताया कि इस गिरोह में देवेन्द्र कुमार, गुलजार अहमद और शगुन जोशी शामिल थे, जो मिलकर नकली करेंसी तैयार कर बाजार में चलाने का काम कर रहे थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई शुरू कर दी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान देवेन्द्र कुमार निवासी बड़ापुर बिजनौर, गुलजार अहमद निवासी टांडा सिक्कावाला बिजनौर और शगुन जोशी निवासी लालढांग हरिद्वार के रूप में हुई है।







